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700 पुलिसकर्मियों ने पांच घंटे में खोजा लोहिया से भागे संक्रमित को

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लखनऊ। राम मनोहर लोहिया अस्पताल से शनिवार रात को कोरोना संक्रमित मरीज भाग गया था। इसकी जानकारी होने के बाद पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय ने 700 पुलिसकर्मियों को लगा दिया था, ताकि वह किसी और को संक्रमित न कर सके। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने संक्रमित मरीज को लेखराज मेट्रो स्टेशन के पास से पकड़ लिया। उसे स्वास्थ्यकर्मियों की मदद से अस्पताल पहुंचा गया। पुलिस के मुताबिक, वह एक व्यक्ति के संपर्क में आया था। पुलिस ने उसे भी क्वारंटीन करवा दिया है। साथ ही वह जिन इलाकों से गया था। वहां का सैनिटाइजेशन कराया है। प्रभारी निरीक्षक विभूतिखंड श्याम बाबू शुक्ला ने बताया, 38 वर्षीय कोरोना संक्रमित मरीज शुक्रवार को इंदिरानगर के तकरोही में मिला था। पुलिस ने उसे जांच के लिए लोहिया अस्पताल भेजा। शनिवार को उसकी जांच शुरू की गई। देर रात उसकी जांच रिपोर्ट आई जिसमें वह कोरोना संक्रमित मिला। प्रभारी निरीक्षक ने बताया, संक्रमित व्यक्ति राजस्थान के जयपुर का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक, रात करीब 9.30 बजे वह टहलते हुए वार्ड से बाहर निकला और भाग गया। मरीज को गायब देख अस्पताल कर्मियों ने पहले उसे परिसर में तलाशा लेकिन वह नहीं मिला। रात करीब 10.30 बजे पुलिस को सूचना दी गई थी। डीसीपी ने संभाला कंट्रोल रूम संक्रमित मरीज केअस्पताल से भागने की सूचना पर पुलिस महकमा हिल गया। आनन-फानन डीसीपी पूर्वी सोमेन वर्मा, डीसीपी उत्तरी शालिनी, एसीपी विभूतिखंड स्वतंत्र सिंह, एसीपी गाजीपुर अमित राय, इंस्पेक्टर विभूतिखंड श्याम बाबू शुक्ला, गाजीपुर बृजेश सिंह, इंदिरानगर धनंजय पांडेय मौके पर पहुंचे। पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय के निर्देश पर डीसीपी सोमेन वर्मा ने कंट्रोल रूम को संभाला। वहीं शालिनी ने उत्तरी जोन में तलाश शुरू कराई। एसीपी स्वतंत्र सिंह सीसीटीवी कैमरों से निगरानी के लिए मॉडल कंट्रोल रूम भेजे गए। वहीं मरीज का हुलिया वायरलेस सेट पर प्रसारित किया जाने लगा। सारे बैरिकेडिंग पर पुलिस हरकत में आ गई। शहर में गूंजता रहा गाड़ियों का सायरन क्रासर- 40 थानों की 80 चार पहिया, पीआरवी की 168 के अलावा चीता मोबाइल ने की कांबिंग डीसीपी सोमेन वर्मा ने बताया, संक्रमित मरीज की तलाश में कमिश्नरेट के 40 थानों की 80 चार पहिया, पीआरवी की 168 के अलावा चीता मोबाइल ने कांबिंग शुरू किया। इन टीमों ने मरीज की तलाश करते हुए हाइवे के सभी भारी वाहनों को भी चेेक किया जाने लगा। रात करीब 2.30 बजे फैजाबाद रोड पर गश्त कर रही पुलिस ने एक व्यक्ति को लेखराज मेट्रो स्टेशन के  पास बैठा देखा। सिपाहियों को संदेह हुआ तो उसने वायरलेस सेट पर सूचना प्रसारित की। पुलिस को देख उसने भागने की कोशिश की लेकिन उसे घेरकर रोका गया। इसके बाद उसकी फोटो खींचकर अधिकारियों को भेजा। पुलिस अधिकारी व स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची। पीपीई किट पहनकर उसे एंबुलेंस से लोहिया अस्पताल लेकर गए। कमिश्नर ने दिया 25 हजार का इनाम पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय ने बताया, मरीज की मानसिक स्थित ठीक नहीं है। वह सड़क पर घूमकर लोगों से मांगता व खाता है। अगर वह पकड़ा नहीं जाता तो सुबह होने तक कॉलोनियों में घुसकर भीख मांगता। इस दौरान कई लोगों के संपर्क में आ जाता। इससे संक्रमण फैल सकता था। पुलिस की सक्रियता से उसे पकड़ लिया गया। पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का इनाम दिया गया है।
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