लखनऊ। कोरोना वायरस से राजधानी में बुजुर्ग की मौत के बाद उनके शव को दफनाने के विरोध के बाद मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने एक कमेटी का गठन किया है। मौलाना ने कमेटी के फोन नंबर जारी कर कहा कि कोरोना से किसी मुसलमान की मौत हो जाने पर कमेटी को सूचित करें ताकि धार्मिक रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया जा सके। इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि कोरोना के शिकार लोग हमारी हमदर्दी और विशेष ध्यान दिए जाने के हक़दार हैं। शरीअत के उसूलों, देश के कानून और स्वास्थ्य की सुरक्षा के उपाय को अपनाते हुए उनके अधिकार अदा किए जाने जरूरी हैं। मौलाना ने कहा कि बीते दिनों कोरोना से प्रभावित होने पर मृत्यु हो जाने के बाद मुसलमानों के आम कब्रिस्तान में उसको दफनाने पर कुछ लोगों ने विरोध किया था। मौलाना ने कहा कि भविष्य में ऐसे अफसोसनाक काम दोबारा न हों, इसके लिए ‘कब्रिस्तान सेवा समिति’ का गठन किया। उन्होंने कहा कि कोरोना से अगर कोई मृत्यु होती है तो मुसलमानों को चाहिए कि अन्जुमन को सूचना दें ताकि मरने वाले की आखिरी रस्म शरीअत की रोशनी और देश के कानून के दायरे में रहते हुए अदा की जा सके। इन नंबरों पर दें सूचना मौलाना खालिद रशीद ने बताया कि कमेटी का संयोजक मौलाना मुहम्मद मुश्ताक को बनाया गया है। उनका मोबाइल न: 9415102947 है। इसी के साथ हाजी मुहम्मद कलीम खॉ सहसंयोजक हैं उनका मोबाइल न: 6392207341, 9648442910 है।