उतरौला (बलरामपुर)। साथियों पर दर्ज मुकदमे को वापस लेने की मांग को लेकर अधिवक्ताओं का विरोध तेज होता जा रहा है। बृहस्पतिवार को भी अधिवक्ताओं ने नारेबाजी कर विरोध जताते हुए प्रदर्शन किया। मांगों को लेकर तहसील परिसर में अधिवक्ताओं का क्रमिक अनशन चौथे दिन भी जारी रहा।
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र सिन्हा के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पहले अधिवक्ताओं के साथ अभद्रता की गई, बाद में उन पर ही मुकदमा दर्ज करा दिया गया। आरोप लगाया कि तहसील में वादकारियों की सुनवाई नहीं हो रही है। पूर्व अध्यक्ष लकी खान ने अधिवक्ताओं को संबोधित कर कहा कि तहसील में आम जनता की समस्याओं की सुनवाई नहीं हो पा रही है। गिरीश पांडेय ने कहा कि अधिकारियों के विरुद्ध तत्काल कार्यवाही की जानी चाहिए। पूर्व अध्यक्ष मार्कण्डेय मिश्र ने कहा कि अधिकारियों की कार्यप्रणाली की जांच कराई जाय।
तहसील परिसर में चौथे दिन क्रमिक अनशन पर स्वतंत्र प्रकाश, बृज किशोर लाल, देवेंद्र कुमार, बेनी माधव तिवारी, इसरार हुसैन, शेषांक श्रीवास्तव, आषीष कसौधन, सन्तराम वर्मा, आलोक कुमार पांडेय व शहनवाज रिजवी बैठे।
आंदोलन में महामंत्री गयासुद्दीन खा, पूर्व महामंत्री अखिलेश सिंह, मुस्तफा हुसैन, अमित श्रीवास्तव, प्रह्लाद यादव, शमीम मलिक, अब्दुल मोईद सिद्दीकी, जयकरन भारती सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।