सूबे में मायावती-दयाशंकर-स्वाति की अपशब्दों की लड़ाई के बीच अब मूंगफली बेचने वालों ने अपने अपमान का आरोप लगा दिया है। आरोप लगा है एक दिन पहले बहुजन समाजवादी पार्टी छोड़ने वाले बागी विधायक रोमी साहनी और बृजेश वर्मा पर।
इन दोनों ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस में पार्टी छोड़ने का एलान करते हुए कहा था कि टिकट बेचने को लेकर बसपा इतनी बदनाम हो चुकी है कि मूंगफली बेचने वाले तक पूछने लगे हैं- टिकट कितने में खरीदा। इस टिप्पणी से आहत अधिवक्ता अरविंद कुमार ने दोनों की कैसरबाग कोतवाली में शिकायत की है। अधिवक्ता ने मानहानि की रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है।
साहनी और वर्मा की टिप्पणियों से नाराज अधिवक्ता ने कहा कि विधायकों ने मूंगफली बेचने वालों के लिए ऐसे शब्दों का प्रयोग कर पूरे समाज को अपमानित किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मूंगफली बेचने वाले इन माननीयों की नजर में इतना गिरे हैं कि उन्हें हेय दृष्टि से देखा जाए।
भ्रष्टाचार नहीं करता मूंगफली वाला
बसपा विधायक
- फोटो : amar ujala
वह मेहनत करके परिवार की जिम्मेदारी उठाता है, भ्रष्टाचार और लूटपाट नहीं करता। अधिवक्ता ने कहा कि ऐसी टिप्पणी करने वाले विधायक अब तक बसपा में रहे चुप बैठे रहे। अगर वे मायावती पर करोड़ों रुपये लेकर टिकट बेचने का आरोप लगा रहे हैं, तो इन आरोपों को साबित करने की जिम्मेदारी भी उनकी ही है।
‘मेरे पिता किसान हैं। वह मूंगफली की खेती व बिक्री करते हैं। दोनों विधायकों की टिप्पणी से मुझे और मेरे पिताजी दोनों को आघात पहुंचा है। दोनों विधायकों पर मानहानि के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।’
- अरविंद कुमार, अधिक्ता
कैसरबाग कोतवाली के प्रभारी राधारमण ने कहा कि अधिवक्ता ने जो शिकायत की है, उसकी जांच की जा रही है। अधिवक्ता से विधायकों के बयान की सीडी मांगी गई है।