हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने ध्वनि प्रदूषण से जुड़े एक मामले में सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने पुलिस महानिदेशक और परिवहन आयुक्त को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होने का आदेश दिया है।
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की प्रधान पीठ ने उत्तर प्रदेश में वन्यजीव अधिसूचना प्रक्रिया की प्रगति की समीक्षा करते हुए राज्य सरकार को अगली सुनवाई से पहले विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
डॉ. शरद गुप्ता बनाम भारत संघ एवं अन्य की सुनवाई के दौरान पीठ ने 17 मार्च को दाखिल प्रगति रिपोर्ट पर विचार किया। यह रिपोर्ट मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव), पश्चिमी क्षेत्र, उत्तर प्रदेश की ओर से प्रस्तुत की गई थी। यह सूर सरोवर पक्षी अभ्यारण्य, आगरा से संबंधित है।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने बताया कि 21 मई 2025 को दायर शपथपत्र में तय समयसीमा का पालन किया गया है। करीब 14.5025 हेक्टेयर भूमि से जुड़े प्रस्ताव की जांच और परीक्षण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। प्रस्ताव को आगे की कार्रवाई के लिए राज्य सरकार को भेज दिया गया है।
राज्य की ओर से यह भी कहा गया कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत अंतिम अधिसूचना 2 मई तक जारी होने की संभावना है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकरण ने निर्देश दिया कि अगली सुनवाई से कम से कम एक सप्ताह पहले ताजा प्रगति रिपोर्ट दाखिल की जाए। मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई को निर्धारित की गई है।