चंद सिक्कों की खातिर मिलावटखोर अरहर दाल व ठंडाई में भी सिंथेटिक फूड कलर मिलाकर बेच रहे हैं। एफएसडीए द्वारा लैब टेस्टिंग को भेजे गए नमूनों की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट में यह सच सामने आया है।
बीते जून माह में मिलावटी खाद्य सामग्री की धरपकड़ के लिए चलाए गए अभियान के तहत लैब टेस्टिंग को भेजे गए नमूनों की जांच में सभी सैंपल की निगेटिव रिपोर्ट मिली है।
ऐशबाग के मां अंबे स्टोर से लिए गए मटर दाल का नमूना डैमेज ग्रेन के प्रयोग व नवीपनहा मलिहाबाद में सरोज चौरसिया की दुकान से लिए गए बेसन के नमूने में मदर स्टार्च की पुष्टि के आधार पर रिपोर्ट निगेटिव आई है।
छोटा चांदगंज कपूरथला चौराहा के समीप संचालित लवकुश चौरसिया की दुकान से लिए गए अरहर की दाल के नमूने और बालागंज चुंगी पर संचालित दुकान से लिए गए ठंडाई के दो नमूनों में प्रतिबंधित स्तर के ट्रेट्राजिन (सिंथेटिक फूड कलर) की मिलावट के आधार पर जांच नमूने फेल हुए।
लैब टेस्टिंग को भेजे गए इंदिरा नगर के भूतनाथ स्थित बेबीन रेस्टोरेंट से लिए गए दही व पनीर और गुडंबा कुर्सी रोड स्थित सेल्स आउटलेट से लिए गए ज्ञान के फुल क्रीम दूध के नमूने में भी मिल्क फैट की मात्रा कम पाई गई।
इनकी रिर्पोट भी सुरक्षित श्रेणी में फेल आई है।