हाईकोर्ट ने अपने निर्देशों में कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में धरना-प्रदर्शन के लिए शहर के बाहर स्थल निर्धारित किए जाएं। इसके लिए प्रदेश सरकार और जिलों के प्रशासन को उचित कदम उठाने के लिए कहा गया है। इसकी रिपोर्ट देने के लिए भी हाईकोर्ट ने कहा है।
अदालत ने धरना-प्रदर्शन से नागरिकों को होने वाली परेशानी का खुद लिया था संज्ञान। दो हफ्ते पहले शहर के बीच धरना-प्रदर्शन पर रोक लगाते हुए कोर्ट ने कहा था कि जाम में स्कूल-कॉलेज आनेजाने वाले बच्चे व युवा, नौकरीपेशा, बुजुर्ग, बीमार, महिलाएं सभी प्रभावित होते हैं।
इन प्रदर्शन से आम जनजीवन प्रभावित नहीं होना चाहिए। साथ ही सरकार व जिला प्रशासन के लिए कहा था कि अनुमति लेकर होने वाले प्रदर्शन के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कोई सख्ती नहीं की जाती।
सरकार ने कोर्ट को बताया था कि शहर में 300 से कम संख्या में आने वाले प्रदर्शनकारियों के धरनों को अनुमति दी जाती है। इस पर हाईकोर्ट ने पूछ लिया था कि अगर 300 से अधिक प्रदर्शनकारी शहर में पहुंच जाएं तो उन्हें प्रशासन कैसे रोकेगा?
अपर महाधिवक्ता वीके शाही ने बताया कि ताजा सुनवाई में प्रशासन ने कहा कि इसे रोकने में वह सक्षम नहीं है। वहीं विकल्प के रूप में बताया कि शहर के बाहर बड़े धरनों के लिए निर्धारित स्थल पर सभी धरने शिफ्ट किए जा सकते हैं।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद यह तय हो गया कि छोटे-बड़े सभी तरह के धरना-प्रदर्शन ईको गार्डन में ही होंगे। शासन ने छोटे-बड़े धरना-प्रदर्शन के लिए अलग-अलग जगह तय करने के बजाय अब शहर में एकमात्र धरना स्थल का शासनादेश जारी कर दिया।
नए शासनादेश के मुताबिक पुरानी जेल रोड स्थित कांशीराम ईको गार्डन के पार्किंग व जनसुविधा स्थल को धरना स्थल बनाया गया है। लक्ष्मण मेला स्थल को प्रतिबंधित कर दिया गया है। गौरतलब है कि इससे पहले संख्या के आधार पर तीन धरना स्थल का प्रस्ताव तैयार किया गया था।
डीएम कौशल राज शर्मा के मुताबिक, लक्ष्मण मेला पार्क पर धरना-प्रदर्शन बृहस्पतिवार से ही प्रतिबंधित है। पूर्व के आवेदनों के आधार पर दी गई अनुमति को निरस्त कर दिया गया है। नए सिरे से धरना-प्रदर्शन की अनुमति जिला प्रशासन जारी करेगा।
बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन पर दंडात्मक कार्रवाई होगी। डीएम कहा कि यदि नए घोषित स्थल से इतर कोई धरना-प्रदर्शन करते मिला उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विशेषतौर पर एनेक्सी, विधान भवन, बापू भवन व जीपीओ पार्क के आसपास धरना-प्रदर्शन पर कड़ी नजर रखी जाएगी।