लखनऊ। सुशांत गोल्फ सिटी के चौधरी खेड़ा रेलवे क्रॉसिंग के पास 20 अप्रैल की रात केजीएमयू के डॉक्टर को गोली मारकर कार व मोबाइल लूट के मामले में गिरफ्तार एडीएम के बेटे यथार्थ सिंह उर्फ यश ठाकुर ने रविवार को पुलिस के सामने वारदात कुबूल की। उसने लूट की सिलसिलेवार कहानी बयां की। यश ठाकुर के मुताबिक वारदात को अंजाम देने के लिए चोरी की बाइक पांच हजार में खरीदी थी। उसने पुलिस को बताया कि संजय नाम के युवक से चोरी की बाइक खरीदी थी। बाइक से उसने दोस्त आयुष सिंह रावत के साथ कई दिनों तक केजीएमयू के डॉक्टर बीके सिंह की रेकी की। 20 अप्रैल की रात करीब 8:30 बजे डॉ. बीके सिंह अपने भतीजे के जन्मदिन की पार्टी से वापस अंसल सिटी अपने घर जा रहे थे। चौधरी खेड़ा रेलवे क्रॉसिंग के पास उनकी कार खड़ी देख आयुष और यश ठाकुर ने वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर ली। यश ने अपने कुबूलनामा में कहा है कि आयुष ने बाइक चलाने को कहा और यश बाइक पर पीछे बैठा। जैसे ही डॉ. वीके सिंह कार के पास पहुंचे, यश ने असलहा उनकी कनपटी पर लगाकर मोबाइल व पर्स लूट लिया। इसके बाद आयुष ने गोली मारने को कहा तो यश ने डॉक्टर पर गोली चला दी। इसके बाद डॉक्टर की कार व बाइक लेकर फरार हो गए। कार को यश ने आयुष के गांव गोसाईगंज के रसूलपुर में छिपा दिया। इसके बाद आयुष के भाई की बाइक लेकर निकल गए। यश ने यह भी बताया कि पुलिस ने उसे और आयुष को अंसल सिटी इलाके में घेरकर पकड़ा है। इस दौरान दोनों तरफ से फायरिंग भी हुई थी । इसमें हुआ घायल हुआ। पुलिस ने आयुष व यश ठाकुर जेल भेज दिया है। इधर, केजीएमयू के डॉ. वीके सिंह ने रविवार दोपहर सुशांत गोल्फ सिटी थाना पहुंचकर डीसीपी दक्षिण रईस अख्तर, एसीपी संजीव सिन्हा और इंस्पेक्टर अजय सिंह से मुलाकात की। उन्होंने बदमाशों की गिरफ्तारी पर आभार जताया।