बिहार के अफसर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहली पसंद बन रहे हैं। वह चाहे आईएएस अफसर हों या आईपीएस अफसर। योगी सरकार की ओर से अब तक की गई तैनाती में बिहार के अफसरों को तरजीह मिली है।
सबसे पहले मुख्यमंत्री ने बिहार के मूल निवासी मृत्युंजय नारायण को अपना सचिव बनाया और फिर पटना के रहने वाले आदित्य मिश्रा को प्रदेश की कानून-व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी सौंप दी।
वहीं सरकार की आंख-नाक कान कहे जाने वाले अभिसूचना विभाग का मुखिया बिहार के सहरसा निवासी 1987 बैच के आईपीएस भवेश कुमार सिंह को बनाया।
पूर्व डीजीपी को भी दी अहम जिम्मेदारी
जावीद अहमद
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डीजीपी के पद से हटाए जाने के बाद भी जावीद अहमद को डीजी पीएसी जैसे अहम पद पर भेजा जो सिविल पुलिस के बाद प्रदेश की सबसे बड़ी फोर्स मानी जाती है। 1984 बैच के आईपीएस जावीद अहमद भी बिहार के मुंगेर के रहने वाले हैं।
वहीं, पुलिस को प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी भी 1984 बैच के आईपीएस अफसर मुंगेर के ही आलोक प्रसाद को दी गई है। पुलिस का तकनीकी पहलू देखने की जिम्मेदारी बिहार के भोजपुर के रहने वाले 1992 बैच के आईपीएस आशुतोष पांडेय को मिली है। प्रदेश में ट्रैफिक महकमा संभालने की जिम्मेदारी बिहार के सीवान के प्रशांत कुमार को दी गई है।
इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री ने सबसे बड़े प्रदेश की राजधानी लखनऊ के एसएसपी की जिम्मेदारी बिहार के बेगुसराय के रहने वाले दीपक कुमार को दी है।
इन सबके अलावा तकनीकी सेवा में तैनात रहे युवा आईपीएस अफसर संतोष कुमार मिश्र को अमरोहा में तैनात कर पहली बार जिले का कप्तान बनाया। बिहार निवासी आईएएस अधिकारी अमित मोहन प्रसाद को नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा का मुख्य कार्यपालक अधिकारी बनाया गया है।
हर सरकार में मिलती है अच्छी तैनाती
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
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सरकार कोई भी हो, बिहार के अफसर उसके लिए खास माने जाते हैं। इससे पहले सपा सरकार में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बिहार के अरुण कुमार को एडीजी कानून-व्यवस्था बनाया था। हालांकि बाद में उन्हें हटाना पड़ गया था।
वहीं, बिहार के ही स्वच्छ छवि वाले जावीद अहमद को डीजीपी भी बनाया। बात बसपा सरकार की करें तो मायावती ने बिहार के सुबेश कुमार को अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था बनाया।
बिहार के ही बेगुसराय के रहने वाले अखिल कुमार को राजधानी लखनऊ समेत कई महत्वपूर्ण जिलों का एसएसपी बनाया। मायावती सरकार के अंतिम वर्षों में बिहार के डीके ठाकुर को लखनऊ का एसएसपी/डीआईजी बनाया गया।
ऐसा नहीं है कि सिर्फ बिहार के अधिकारियों पर ही सरकार का भरोसा रहता हो। मौजूदा मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रिग्जियान सैंफिल जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं। लखनऊ के कमिश्नर अनिल गर्ग मूल रूप से पंजाब के हैं।