स्टेशनों पर चोरी, लूट की बढ़ती वारदातों के बावजूद जीआरपी के अफसर सीनियर अफसरों के सामने बेहतरी का दावा करने से नहीं चूक रहे।
ऐसे ही दावों पर एडीजी रेलवे जाविद अहमद ने 14 जिलों के जीआरपी अफसरों की बुधवार को जमकर क्लास ली। पिछले दो माह में हुई लूट और चोरी की वारदातों का खुलासा नहीं होने को लेकर फटकार लगाई।
उन्होंने दो टूक कहा-ऐसे तो जीआरपी नहीं चलेगी। पिछले दो महीनों के दौरान हुई वारदातों का 15 दिन में खुलासा नहीं हुआ तो कार्रवाई झेलने को लिए तैयार रहें।
एडीजी रेलवे का कार्यभार ग्रहण करने के बाद जाविद अहमद की यह पहली समीक्षा बैठक थी। सभी छह अनुभागों के रेलवे एसपी, सीओ और थाना प्रभारियों की बैठक जीआरपी मुख्यालय में बुलाया गया था।
किया बेहतर रिकॉर्ड का प्रदर्शन
इसी बीच कानून और सुरक्षा बेहतर होने का दावा करते हुए कानपुर जीआरपी प्रभारी त्रिपुरारी पांडे अपने यहां की क्राइम रिपोर्ट दिखाने लगे। बेहतरी के दावे पर एडीजी नाराज हो उठे।
उन्होंने विशेष तौर पर कानपुर, गाजियाबाद, सहारनपुर, इलाहाबाद, अकबरपुर, झांसी, मुगलसराय और आगरा क्षेत्र में रेल यात्रियों से होने वाले अपराध पर नाराजगी जताई और इसे रोकने के लिए कारगर कदम उठाने को कहा।
पूर्वी यूपी के बिहार से जुड़े और पश्चिमी क्षेत्र के सीमावर्ती जिलों के रेलवे स्टेशनों पर हो रही लूट, चोरी और महिला यात्रियों से छेड़खानी को लेकर भी उन्होंने अफसरों के पेंच कसे।
मुरादाबाद के आसपास आए दिन होने वाली लूट को रोकने में नाकाम जीआरपी पर उन्होंने कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
स्टेशन के अंदर अपराध तो सीओ जवाबदेह
एडीजी ने कहा, 'स्टेशन के भीतर यदि अपराध होता है तो उस क्षेत्र के सीओ की सीधी जवाबदेही होगी। आए दिन यात्रियों से अभद्रता करने वाले जीआरपी सिपाहियों की भी नकेल कसने के निर्देश दिए।'
त्योहार पर बरतें सतर्कता
दीपावली और छठ पूजा पर ट्रेनों में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए एडीजी ने जहरखुरानों, चोरों और लूटेरों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने की बात कही।
बिहार की ओर जाने वाली ट्रेनों में अतिरिक्त दस्ते तैनाती के भी आदेश दिए। उन्होंने कहा-जहां अपराध ज्यादा हैं उन स्टेशनों पर यात्रियों को लाउडस्पीकर से जागरूक किया जाए।