कोर्ट की अवमानना में दोषी पाए गए प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (सचिवालय प्रशासन) महेश कुमार गुप्ता को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने मंगलवार को दिन भर अपनी हिरासत में रखा। साथ ही 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। यह रकम उन्हें खुद हफ्ते भर में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण में जमा करनी होगी। वहीं कोर्ट रूम से बगैर इजाजत टॉयलेट चले जाने पर गुप्ता को जज ने फटकार लगाई और कहा कि बिना पूछे हिलोगे नहीं।
न्यायमूर्ति विवेक चौधरी ने मंगलवार को यह सजा सहायक समीक्षा अधिकारियों की वरिष्ठता सूची संबंधी मामले में डॉ. किशोर टंडन समेत आठ अन्य द्वारा पिछले साल दायर अवमानना याचिका पर सुनाई। गुप्ता पर कोर्ट के आदेशों की अवहेलना का आरोप था और उन्हें व्यक्तिगत रूप से पक्षकार बनाया गया था। कोर्ट ने पहले ही गुप्ता को दोषी करार दिया था और सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए मंगलवार को खुद हाजिर रहने का आदेश दिया था।
मंगलवार सुबह करीब साढ़े दस बजे अदालत शुरू होते ही जज ने वहां पहुंचे अपर मुख्य सचिव को कोर्ट रूम में हिरासत में रखने के आदेश दिए और करीब साढ़े बारह बजे उनके खिलाफ मामले की फिर सुनवाई शुरू हुई। वहीं कोर्ट उठने के समय तक (शाम 4.15 बजे) वह हिरासत में रहे।