निर्माणाधीन ओबरा ‘सी’ व जवाहरपुर तापीय परियोजना से बिजली निकासी के लिए ट्रांसमिशन नेटवर्क तैयार करने के लिए चयनित कंपनियों के नाम पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी है। ओबरा ‘सी’ से बिजली निकासी के लिए ट्रांसमिशन लाइन व 400 केवी उपकेंद्र बनाने का जिम्मा अडानी ट्रांसमिशन लिमिटेड को सौंपा गया है जबकि जवाहरपुर से बिजली निकासी के लिए ट्रांसमिशन लाइन व 400 केवी उपकेंद्र के निर्माण का जिम्मा पावर ग्रिड कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लि. (पीजीसीआईएल) को दिया गया है। इसमें लगभग 1400 करोड़ रुपये का निवेश होगा।
ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि निर्माणाधीन जवाहरपुर व ओबरा ‘सी’ तापीय परियोजना से बिजली निकासी से संबंधित ट्रांसमिशन तंत्र तथा 400-400 केवी उपकेंद्र (संबंधित लाइनों सहित) के निर्माण केलिए बिडिंग के जरिए विकासकर्ता का चयन किया गया है।
जवाहरपुर तापीय परियोजना के लिए उपकेंद्र फिरोजाबाद तथा ओबरा ‘सी’ के लिए बदायूं में बनेगा। चयन में टैरिफ बेस्ड प्रतिस्पर्धात्मक बिडिंग की प्रक्रिया अपनाई गई। बिडिंग की पूरी कार्यवाही केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार ऑनलाइन की गई।
ओबरा ‘सी’ परियोजना के ट्रांसमिशन नेटवर्क पर 871 करोड़ तथा जवाहरपुर परियोजना पर 530 करोड़ रुपये का निजी निवेश होगा। दोनों परियोजनाओं के लिए प्रतिस्पर्धात्मक बिडिंग से प्राप्त टैरिफ कॉस्ट प्लस टैरिफ से क्रमश: 37 व 36 प्रतिशत कम है।
इससे परियोजना पूरी होने पर बिजली उपभोक्ताओं पर दरों का बोझ भी कम पड़ेगा। सरकारी खर्च की शत-प्रतिशत बचत होगी। प्रमुख सचिव ऊर्जा आलोक कुमार ने बताया कि इस बिडिंग प्रक्रिया में बड़ी संख्या में प्रतिष्ठित डवलपर्स शामिल हुए।