उत्तर प्रदेश में पेंशनरों के निधन के बाद फर्जी ढंग से पेंशन राशि निकालने वालों पर एफआईआर कराई जाएगी। कई जिलों में ऐसे मामले सामने आने के बाद निदेशक, कोषागार नीलरतन ने संबंधित अफसरों को कड़े निर्देश दिए हैं।
सरकारी सेवाओं से सेवानिवृत्त कार्मिकों से साल में एक बार जीवित होने का प्रमाणपत्र लिया जाता है। आम तौर पर इसे अक्तूबर में देना होता है। उसके बाद अगले 11 महीने खातों में पेंशन जाता रहता है। इस दौरान किसी पेंशनर की मौत हो गई तो देखने में आया है कि परिजन इसकी सूचना नहीं देते और खाते से एटीएम आदि के जरिए राशि निकालते रहते हैं।
निदेशक, कोषागार ने निर्देश दिए हैं कि इस तरह के मामलों में पहले रिकवरी का नोटिस दिया जाए। अगर पारिजन राशि वापस नहीं करते हैं तो एफआईआर दर्ज कराने में बिल्कुल भी कोताही न बरतें। उसके बाद आरसी जारी करवाकर वसूली करवाएं।