रायबरेली। द्वितीय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने शहर कोतवाली में दर्ज जालसाजी के मुकदमे में लगाई गई अंतिम रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने एसपी को नए विवेचक से विवेचना कराने का आदेश दिया है। तत्कालीन सीओ और विवेचक के खिलाफ कार्रवाई कर 15 दिन में जवाब देने के भी आदेश दिए हैं।
शहर के सब्जी मंडी में एक भवन का नक्शा पास कराने में फर्जी दस्तावेजों का प्रयोग किया गया था। सिराज अली की याचना पर कोर्ट के आदेश पर 27 मार्च 2022 में नूर सज्जाद और निशार अहमद उर्फ राजू रिक्शा वाले के खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार करके मैप पास कराने के प्रयास के मामले में जालसाजी की मुकदमा शहर कोतवाली में दर्ज किया गया था। जाली प्रपत्र तैयार कर धोखाधड़ी कर नक्शा पास कराने की धाराओं में दर्ज कराए गए मुकदमों में विवेचक ने विवेचना पूरी कर सात जनवरी 2023 को अंतिम रिपोर्ट संख्या 6/2022 कोर्ट में पेश कर दी थी।
पुलिस की अंतिम रिपोर्ट के खिलाफ वादी सिराज अली के कोर्ट में प्रोटेस्ट प्रार्थनापत्र दिया। द्वितीय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने साक्ष्यों के आधार पर प्रोटेस्ट को स्वीकार किया। न्यायालय ने 13 सितंबर को पुलिस की अंतिम आख्या को खारिज कर दिया। साथ ही एसपी ने नया विवेचक नियुक्त के विवेचना कराने के आदेश दिए। अंतिम रिपोर्ट के परीक्षण में लापरवाही बरतने पर तत्कालीन सीओ और मनमाने तरीके से विवेचना करने वाले तत्कालीन विवेचक के खिलाफ कार्रवाई करके 15 दिन में जवाब देने के आदेश दिए हैं।
..तो मरने के पांच साल बाद आरडीए को दिया शपथपत्र
आरोपी नूर सज्जाद के पिता अशफाक हुसैन की मौत वर्ष 2016 में हो गई थी। इसके बाद भी रायबरेली विकास प्राधिकरण में भवन का मैप पास कराने के लिए अशफाक हुसैन की ओर से 13 सितंबर 2021 को शपथपत्र दाखिल किया गया। समन शुल्क भी जमा किया गया था। इसी के आधार पर आरडीए से मैप पास किया गया। बाद में उसे खारिज कर दिया गया। सभी साक्ष्य मिलने के बाद न्यायालय ने मुकदमे की अंतिम रिपोर्ट को खारिज कर नए सिरे से विवेचना के आदेश दिए हैं।