हाईकोर्ट की फटकार के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि एसटीएफ को जांच से हटाया नहीं गया है। वह लगातार कार्रवाई कर रही है।
पंपों के खिलाफ कार्रवाई रुकेगी नहीं। एसटीएफ पर अंगुली न उठे, इसलिए संबंधित विभागों की टीम बनाई गई है।
राजधानी लखनऊ में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि सूबे में 1800 पेट्रोल पंपों की जांच हो चुकी है। इनमें 96 डिस्पेंसिंग यूनिट में चिप पाई गई है। पेट्रोल पंप वो प्रति लीटर 6 से आठ रुपये की चोरी कर रहे थे।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार देर शाम मुख्य सचिव राहुल भटनागर, प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार, डीजीपी सुलखान सिंह, एसटीएफ के आईजी अमिताभ यश और एसएसपी अमित पाठक व खाद्य एवं रसद विभाग के साथ तेल कंपनियों के अफसरों को तलब किया।
सीएम ने जांच में सुस्ती पर नाराजगी जताते हुए अफसरों को बहानेबाजी से बाज आने को कहा। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि 25 मई को हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई में वे सरकार का पक्ष रखें और बताएं कि सरकार पूरी ईमानदारी के साथ पेट्रोल पंपों की जांच कर रही है।