बलिया में 25 जनवरी को हुए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में अपात्रों को लाभ दिए जाने के मामले को समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) असीम अरुण ने गंभीरता से लिया है और जांच का आदेश दिया। जांच के बाद आरोपी सहायक विकास अधिकारी (समाज कल्याण) सुनील कुमार यादव को समाज कल्याण निदेशक ने बुधवार को निलंबित किया। इसके साथ ही आरोपी अधिकारी सहित सभी आठ अपात्र लाभार्थियों के खिलाफ बलिया में धारा 419, 420 और 409 के तहत मुकदमा भी दर्ज कराया गया है।
जिनकी हो चुकी थी शादी, उनको किया शामिल
सामूहिक विवाह कार्यक्रम में आरोपी सहायक विकास अधिकारी (समाज कल्याण) सुनील कुमार यादव ने ग्राम पंचायत मानिकपुर से अर्चना, रंजना और सुमन को शामिल करवाया। इसी तरह ग्राम पंचायत सुल्तानपुर से प्रियंका, सोनम, पूजा, सन्जू और रमिता का भी विवाह 25 जनवरी को संपन्न हुआ। इन सभी का सत्यापन आरोपी अधिकारी सुनील कुमार द्वारा किया गया। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि सन्जू का विवाह तीन वर्ष पहले जबकि पूजा का विवाह एक वर्ष पूर्व हो चूका है। इसके अतिरिक्त अर्चना, रंजना, सुमन, रमिता और प्रियंका का विवाह वर्ष 2023 में हो चुका है।
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विवाह तय नहीं, बना दिया लाभार्थी
जांच में सामने आया कि सोनम का अभी विवाह तय ही नहीं है। इसके बावजूद उसे लाभार्थी के रूप में शामिल किया गया। जिलाधिकारी बलिया के निर्देश पर हुई जांच में इसका खुलासा होने के बाद सभी नौ आरोपियों के खिलाफ 30 जनवरी को बलिया में रिपोर्ट दर्ज करवाई गयी है। समाज कल्याण असीम अरुण ने प्रशासनिक जांच और एफआईआर की जांच दोनों में त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।