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दो एसडीओ सहित 4 इंजीनियर बिजली चोरी में दोषी

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मध्यांचल निगम के प्रबंध निदेशक ने एक वेतन बढ़ोतरी रोकी
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मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के राजधानी में तैनात दो एसडीओ (उपखंड अधिकारी) सहित चार इंजीनियरों को बिजली चोरी कराने का दोषी माना गया है। निगम के प्रबंध निदेशक ने चारों इंजीनियरों को एक-एक वेतन बढ़ोतरी से वंचित कर दिया, जिसका असर साल भर रहेगा। इसके साथ ही इन्हें राजधानी से भी हटा दिया गया है।
प्रबंध निदेशक सूर्यपाल गंगवार ने यह कार्रवाई जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर की है। इसमें एसडीओ और जूनियर इंजीनियरों ने भी अपना पक्ष रखा था। प्रबंध निदेशक ने इस कार्रवाई के तहत ठाकुरगंज के बालागंज क्षेत्र में एक अपार्टमेंट में बिजली चोरी कराने में एसडीओ रिजवान सिद्दीकी और जूनियर इंजीनियर अनिल कुमार को निंदा प्रविष्टि के साथ एक-एक वेतन बढ़ोतरी से वंचित कर दिया है। इन दोनों अभियंताओं को लेसा सिस गोमती से अयोध्या जोन ट्रांसफर किया गया है। इसी प्रकार बख्शी का तालाब खंड के कुर्सी रोड स्थित अटल इंफ्राटेक कंपनी के निर्माणाधीन आवासों में बिजली चोरी कराने में एसडीओ शैलेंद्र कुमार और अवर अभियंता अरविंद यादव के खिलाफ भी यही कार्रवाई की गई। इन दोनों अभियंताओं को लेसा ट्रांस गोमती से लखनऊ जोन स्थानांतरित किया गया है।
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ये दोनों बिजली चोरी नवंबर में पकड़ी गई थी, जिसकी गोपनीय सूचना प्रबंध निदेशक को भेजी गई थी। बिजली चोरी को पकड़े जाने के बाद चारों अभियंताओं को निलंबित कर दिया गया था। प्रबंध निदेशक ने इन अभियंताओं को दंड देने के बाद बहाल भी कर दिया है। प्रबंध निदेशक ने जिन चार बिजली अभियंताओं की एक-एक वेतन बढ़ोतरी असंचयी प्रभाव से रोकी, उससे 10 से 15 हजार रुपये का नुकसान होगा। लेकिन यह वेतन सजा के तौर पर रोका गया जो सेवाकाल के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है।
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