फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

करीब 10 हजार श्रमिकों के साथ पूर्वांचल व बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे निर्माण कार्य शुरू: अपर मुख्य सचिव गृह

Sun, 26 Apr 2020 08:07 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

यूपी के अपर मुख्य सचिव गृह ने रविवार को लोक भवन में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि लगभग 10 हजार श्रमिकों के साथ पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है जबकि प्रदेश के हॉटस्पॉट क्षेत्रों को छोड़कर वर्तमान में 7207 औद्योगिक इकाइयों को क्रियाशील किया गया है, जिनमें लगभग 1.30 लाख श्रमिक कार्यरत है।

विज्ञापन


अपर मुख्य सचिव गृह रविवार को लोकभवन में मीडिया को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यूपीडा द्वारा 11,200 करोड़ रुपये की पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे परियोजना पर 4975 श्रमिक, 8950 करोड़ की बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे परियोजना में 4481 श्रमिक व 3,000 करोड़ रुपये की गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना में 488 श्रमिक कार्य कर रहे हैं। सिंचाई विभाग की 140 करोड़ रुपये की लागत से 73 परियोजनाएं प्रारम्भ हो गयी है, जिसमें लगभग 985 श्रमिक कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि कोरोना के उपचार में लगी नर्स, पैरामेडिक्स तथा अन्य स्टाफ की टीम को हर हाल में इन्फेक्शन से बचाया जाए। कोरोना से जंग में मेडिकल टीम को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक है कि कोविड अस्पतालों में पर्याप्त संख्या में पीपीई किट, एन-95 मास्क की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही अस्पतालों की साफ-सफाई सुनिश्चित करते हुए लगातार सैनिटाइजेशन किया जाए।

विज्ञापन

पूल टेस्टिंग को बढ़ावा देने का दिया निर्देश

अपर मुख्य सचिव गृह ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए पूल टेस्टिंग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए क्योंकि पूल टेस्ट के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों की जांच करके कोरोना पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री योगी ने निर्देश दिए कि अस्पतालों में मौजूद कोरोना से सम्बन्धित तथा अन्य बायोमेडिकल वेस्ट का सुरक्षित डिस्पोजल किया जाये तथा सभी अस्पतालों में आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। कोरोना मरीजों का इलाज कोविड अस्पतालों में ही किया जाए तथा कोविड अस्पतालों में अनिवार्य रूप से सिर्फ कोविड संक्रमण का ही इलाज हो अन्य चिकित्सा गतिविधियां इन अस्पतालों में न की जाएं।

अपर मुख्य सचिव गृह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी ने कहा है कि कोरोना प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए प्लाज्मा थेरेपी को बढ़ाने पर विचार करना चाहिए। अब तक इसके अच्छे परिणाम मिले हैं। उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों में निवासरत उत्तर प्रदेशवासियों को क्वारंटीन अवधि पूरी होने के उपरान्त चरणबद्ध तरीके से प्रदेश वापस लाने के निर्देश दिये।

सभी 19 संवेदनशील जनपदों के नोडल अधिकारियों से फीड बैक लेने और कोरोना के बढ़ते मामलों पर प्रभावी नियंत्रण करने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जिन औद्योगिक इकाइयों को चलाने की अनुमति दी गई है वहां सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। यह भी देखा जाए की इन इकाइयों में कोरोना की रोकथाम के सम्बन्ध में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा निर्देशों का अनुपालन अवश्य हो।
विज्ञापन

'यूपी के 58 जिलों में अब तक 1843 कोरोना पॉजिटिव मिले'

प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश के 58 जिलों से अब तक 1843 कोरोना पॉजिटिव के मामले सामने आए हैं, जिसमें से 48 जिलों में 1525 मामले एक्टिव हैं। प्रदेश के 17 जिलों में कोरोना संक्रमण का कोई भी मामला सामने नहीं आया है और वर्तमान में 10 जनपद कोरोना संक्रमण से मुक्त हो गये हैं।

उन्होंने बताया कि अब तक 289 मरीज पूरी तरह से उपचारित हो चुके हैं। प्रदेश में अब तक लगभग 56 हजार लोगों के सैम्पल टेस्ट किये जा चुके हैं। 1601 लोगों को आइसोलेशन वार्ड में और 11,715 लोगों को फैसिलिटी क्वारेंटाइन में रखा गया है। उन्होंने बताया कि कोरोना पॉजिटिव पाये गये लोगों में 79.15 प्रतिशत पुरूष जबकि 20.85 प्रतिशत महिलाएं हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें