राम पर राजनीति नहीं हो सकती ये कहना गलत है। राम अराध्य होने के साथ राजा भी हैं। राजा की नीतियों पर राजनीति की जा सकती है। यह बात प्रखर आचार्य प्रखर आचार्य और अयोध्या राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में अर्चकों को तैयार करने वाले मिथिलेश नंदिनी शरण ने कहा कि राम एक विजयी मंत्र हैं। जयश्री राम की बात को नारे की तरह नहीं देखना चाहिए। नंदिनी शरण ने अमर उजाला के साथ विशेष बातचीत में कहीं। उन्होंने कहा कि राम को लेकर एक सकारात्मक ऊर्जा माहौल में है। आप राम की आलोचना कर सकते हैं लेकिन यह कहना गलत है कि उनका राजनीतिकरण हो रहा है। दुनिया जयश्री राम के नारे को आंदोलन की तरह देखती है जबकि यह एक विजयी मंत्र है। जयश्री राम को सिर्फ एक राजनीतिक नारा नहीं समझना चाहिए। राम, भगवान राम होने के साथ-साथ राजा राम भी हैं। वह राज शाही के प्रतीक हैं। राम के साथ राजनीतिक बातें होनी जायज हैं।
युवा प्रबंधित हो रहे है
आज के युवाओं के भटकने के सवाल पर आचार्य ने कहा कि यह एक गलत इमेज बनाई गई है कि युवा भटक रहे हैं। युवा पहले की तुलना में ज्यादा प्रबंधित हो रहे हैं। जिस विषय में उनकी रुचि है वह बढ़चढ़ कर उसमें भागीदारी कर रहे हैं। उनको कंट्रोल करने का सिस्टम बदलना होगा। जैसे पुरानी गाड़ियों के ब्रेक अलग तरह के होते थे और नई गाड़ियों के अलग। वैसे ही नई पीढ़ी को कंट्रोल करने का तरीका अलग होना चाहिए। युवा अपने लक्ष्यों को लेकर पहले की तुलना में ज्यादा व्यवस्थित हुआ है।
एलजीबीटी पर रखी राय
एलजीबीटी विषय पर पूछे गए सवाल पर आचार्य नंदिनी शरण ने कहा कि जो विचार शुरूआती समय में आता है उसके लेकर लोग जजमेंटल होते हैं। यह एक नई बात है इसलिए इसको लेकर लोग जजमेंटल हो रहे हैं। आने वाले समय में यह स्वीकार्यता का हिस्सा बन जाएगा। सबकी अपनी -अपनी च्वाइस हैं। इस बात को समझना चाहिए। आने वाले समय में समलैंगिकता के पक्ष और विपक्ष दोनों तरफ खड़े लोग संवाद की स्थिति में आ जाएं। एक बार संवाद बन जाए तो चीजों स्वीकार्य हो जाएंगी। किसी भी मुद्दे पर दो पक्ष होना गलत नहीं है। बस उनका टकराना गलत है।
विश्व में भारत की पहचान बने हैं राम
भगवान श्रीराम के जरिए पूरी दुनिया अब भारत को जान रही है। दुनिया के किसी भी कोने में जाएंगे वहां यह बात जरूर सामने आएगी कि आप भगवान राम के देश से आए हैं। हमारी पहचान का प्रतीक राम हैं। इसे किसी एक धर्म या समुदाय के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए। यह देश की पहचान की बात है।