लखनऊ। सरकारी जमीनों पर कब्जा करने के बाद प्लॉटिंग कर लोगों को बेचने वाले जालसाज कमल कुमार सेठ को आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) की टीम ने शनिवार को चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया। कैसरबाग निवासी कमल सेठ बीते करीब 20 वर्ष से भागा चल रहा था।
ईओडब्ल्यू के अधिकारियों के मुताबिक, जालसाजों का संगठित गिरोह करोड़ों रुपये कीमत की सरकारी भूमि जैसे तालाब, चारागाह, ग्राम समाज, आदि की जमीनों पर अवैध कब्जा करने के बाद उनके फर्जी दस्तावेज तैयार करता था। बाद में उस पर प्लॉटिंग कर लोगों को बेच देता था। जब कोई फर्जी दस्तावेज के आधार पर जमीन बेचने का विरोध करता तो उसे जान से मारने की धमकी देकर चुप करा देता था। इस बाबत कृष्णानगर थाने में वर्ष 2006 में एफआईआर दर्ज होने के बाद उसकी विवेचना शासन ने ईओडब्ल्यू को दी थी। जांच में आठ आरोपी चिह्नित किए गए, जिनमें से छह को पूर्व में गिरफ्तार करने के साथ उनके खिलाफ अदालत में आरोप पत्र भेजा गया था। वहीं कमल कुमार सेठ भागा चल रहा था। उसके चंडीगढ़ में छिपे होने की सूचना के बाद ईओडब्ल्यू लखनऊ सेक्टर की टीम को भेजा गया, जिसने उसे गिरफ्तार किया। उसे ट्रांजिट रिमांड पर राजधानी लाकर अदालत के सामने पेश किया जाएगा।