लखनऊ। पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश ने विकास को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। उस पर घर में घुसकर नाबालिग से छेड़छाड़ और मारपीट का आरोप था। इसी मामले में आरोपी बनाए गए किशोर का मामला बाल न्यायालय भेज दिया गया था।
वादिनी ने चार सितंबर 2016 की शाम इटौंजा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी नाबालिग बेटी घर में अकेली थी। तभी किशोर और विकास घर में घुस आए, बेटी का हाथ पकड़कर घसीटा और कपड़े फाड़ दिए। नाबालिग के शोर मचाने पर दोनों आरोपी घर से भाग गए। पुलिस ने विवेचना के बाद विकास और किशोर के खिलाफ चार्जशीट लगाई थी।