हजरतगंज में प्राग नरायन रोड पर बिल्डर शायम यजदानी के नजूल की जमीन पर अवैध तरीके से बनाए गए छह मंजिला यजदान अपार्टमेंट का आधा हिस्सा शनिवार को अचानक भरभराकर गिरने से इलाका दहल गया। दरअसल, बिल्डिंग तोड़ रही कंपनी ने पैसा बचाने के लिए हड़बड़ी में इसके कॉलम खोखले कर दिए। इमारत ढहने से पास की बस्ती के घरों की छतों, दीवारों में दरारें आ गईं। इसके मलबे में दबकर तीन दोपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
इसके विरोध में बस्तीवालों ने जेसीबी ऑपरेटर पर 10 मिनट तक पथराव किया। उसने भागकर जान बचाई और एलडीए अफसरों को सूचना दी। इस बीच तीन मजदूर व जेसीबी के मलबे में दबने की अफवाह उड़ी तो हजरतगंज पुलिस ने एसडीआरएफ (स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स) को सूचना देकर बिल्डिंग को सुरक्षा घेरे में लिया। घटना के 30 मिनट बाद पहुंचे वीसी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी व अन्य अफसरों ने बिल्डिंग के अंदर जाकर निरीक्षण किया। उन्होंने साफ किया कि जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ है। शाम 4:10 बजे पहुंचे डीएम सूर्यपाल गंगवार ने भी निरीक्षण के बाद लोगों से बातचीत की। उन्होंने भी दावा कि मलबे में कोई नहीं दबा है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि छह दिन से अपार्टमेंट को मुंबई के ठेकेदार के 15 मजदूर तोड़ रहे थे। एलडीए से ठेका लेने वाली कंपनी ने पैसा बचाने के लिए इस काम में एक्सपर्ट को नहीं लगाया। कोई विशेषज्ञ निगरानी भी नहीं कर रहा था। इस लापरवाही से हादसा हुआ है। आसपास के लोगों के मुताबिक दोपहर 2:45 बजे तेज धमाके के साथ अपार्टमेंट का दाहिना हिस्सा मलबे में तब्दील हो गया। सभी घरों में दुबक गए। इस बीच ठेकेदार व मजदूर भाग निकले। मलबे में रमेश चौरसिया की स्कूटी सहित तीन वाहन दब गए। इस पर राकेश चौधरी सहित महिलाओं ने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि एलडीए अभियंताओं की लापरवाही के चलते बिना सुरक्षा इंतजाम के बिल्डिंग तोड़ी जा रही है। डीएम ने इन्हें नुकसान की भरपाई का आश्वासन दिया। उधर, बिल्डिंग तोड़ने के लिए बंगाल से लाए गए 15 मजदूरों में से सौदागर अली व मुजम्मिल अली ने बताया कि जेसीबी ऑपरेटर सहित सभी सुरक्षित हैं।
कंपनी से करवाई जाएगी नुकसान की भरपाई
वीसी ने बताया कि एक महीने में बिल्डिंग तोड़ने का ठेका मुंबई की मेसर्स साईं राम कंपनी को 46 लाख रुपये में दिया गया है। एक हफ्ते से जेसीबी से इमारत तोड़ी जा रही है। अभियंताओं की कमेटी सर्वे कर इसके मलबे से हुए नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट देगी। लोगों को हुई हानि की भरपाई कंपनी से की जाएगी। वीसी ने कंपनी को निर्देश दिए कि वह एसडीआरएफ से अपार्टमेंट का निरीक्षण एवं तकनीकी रूप से जांच करा लेें, जिससे आगे इसे गिराने के दौरान कोई हादसा न हो।
कब-कब चला बुलडोजर
- 30 मार्च 2022
- 13-14 नवंबर को
- 04 दिसंबर से लगातार
एक बिल्डिंग तोड़ने में दब चुके पुकलैंड, ऑपरेटर
वर्ष 2021 में जोन छह की रिवर बैंक कॉलोनी में पूर्व सांसद दाऊद अहमद की अवैध बिल्डिंग तोड़ने के दौरान पुकलैंड एवं ऑपरेटर दब चुका है। उसे आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा था। भारतीय पुरातत्व विभाग की आपत्ति एवं हाईकोर्ट आदेश पर वीसी अभिषेक प्रकाश के कार्यकाल में पांच मंजिला बिल्डिंग गिराने की मुहिम शुरू की गई थी। कॉलम तोड़ने के दौरान पुकलैंड पर मलबा गिर गया था।