प्रदेश व केंद्र सरकार के बीच तल्खी शनिवार को यहां रेलवे के समारोह में भी सतह पर दिखी। मुख्यमंत्री या सरकार के किसी प्रतिनिधि मंत्री को तो बुलाया ही नहीं गया था, लेकिन जिन्हें बुलाया गया था, उनमें से भी कई नहीं आए। खास बात ये रही कि कार्यक्रम में कांग्रेस विधायक रीता बहुगुणा जोशी मौजूद रहीं।
सपा और बसपा के आमंत्रित सांसदों ने समारोह से दूरी बनाए रखी। मंच पर जिस तरह संभावित 14 अतिथियों के लिए सिर्फ छह कुर्सियां ही लगाई गई थीं, उससे भी पता चलता है कि रेलवे अधिकारियों को मालूम था कि किन्हें आना है और किन्हें नहीं।
समारोह के लिए छपवाए गए कार्ड में गृहमंत्री राजनाथ सिंह, रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री मायावती, बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश मिश्र, सपा के नरेश अग्रवाल, किरनमय नंदा व अरविंद सिंह समेत सात अतिथियों के नाम तो छापे ही गए थे। जाहिर है ऐसे में कम से कम कार्ड पर छपे नामों की संख्या के बराबर तो कुर्सियां लगनी ही चाहिए थीं।
इनके अलावा स्थानीय विधायक रीता बहुगुणा जोशी व महापौर डॉ. दिनेश शर्मा को बुलाने की पुष्टि खुद रेलवे के अधिकारियों ने की थी। उत्तराखंड के सांसद भगत सिंह कोश्यारी, विधायक व नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट, विधायक व भाजपा के उत्तराखंड के अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत और मोहनलालगंज के सांसद कौशल किशोर जिस तरह समारोह में मौजूद थे, उससे भी सबित होता है कि ये सभी बुलाए जाने पर ही आए थे।