श्रावस्ती। राप्ती नदी की बाढ़ व कटान से जिलेवासियों को बचाने के लिए करीब 18 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इन रुपयों से डेढ़ किलोमीटर तटबंध के सुरक्षात्मक कार्य कराए जाएंगे। साथ ही लैबुड़वा व मनिकाकोट गांवों में कटाव निरोधी कार्य कराया जाएगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जिले की सीमा में करीब 65 किलोमीटर तक बहने वाले राप्ती नदी अपने तट पर बसे करीब 77 गांवों में प्रतिवर्ष कहर बरपाती रही है। राप्ती की बाढ़ की चपेट में आने से तमाम गांवों में आवागमन ठप हो जाता है। करीब 12 गांव ऐसे भी हैं जहां बाढ़ के दौरान मूलभूत सुविधाएं भी मुहैया कराना प्रशासन के लिए टेढ़ी खीर बना रहता है। वहीं मुख्यालय भिनगा सहित तहसील क्षेत्र के अन्य गांवों को बाढ़ की विभीषिका से बचाने के लिए परसा तिलकपुर व खजुहा झुनझुनिया अंधरपुरवा तटबंध का निर्माण कराया गया था। यह तटबंध कई स्थानों पर बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त हो गया था।
विज्ञापन
इसे दुरुस्त कराने के लिए 14 करोड़ 36 लाख 40 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे राप्ती नदी के बाएं तटबंध स्थित खजुहा झुनझनिया अंधरपुरवा तटबंध के किलोमीटर 3.260 से 3.760 तक 500 मीटर व 20.810 से 21.210 तक 400 मीटर और परसा डेहरिया तिलकपुर सीमांत तटबंध के किलोमीटर 5.750 से 5.950 तक 200 मीटर, किलोमीटर 18.400 से 18.800 तक 400 मीटर बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य कराए जाएंगे। साथ ही नदी के बाएं तट पर बसे लैबुड़वा व मनिकाकोट को बाढ़ व कटान से बचाने के लिए तीन करोड़ 58 लाख 56 हजार रुपये खर्च कर कटाव निरोधी कार्य कराया जाएगा। इसके लिए सभी औपचारिकताएं पूरी की जा चुकी हैं।
इस बारे में अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड दिनेश कुमार त्रिपाठी बताते हैं कि टेंडर प्रक्रिया पूरी कराने के लिए औपचारिकताएं पूरी कर अधीक्षण अभियंता बाढ़ खंड को भेजा गया है। टेंडर का कार्य पूरा होने के बाद जल्द ही शुरू कार्य कराया जाएगा।