प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले प्रदेश के युवाओं के लिए सभी 18 मंडल मुख्यालयों में निशुल्क अभ्युदय कोचिंग सेंटर बसंत पंचमी (16 फरवरी) से शुरू हो जाएंगी। वहीं, देश-दुनिया में प्रदेश का नाम रोशन करने वाली पांच प्रतिभाओं को हर वर्ष यूपी गौरव सम्मान दिया जाएगा। प्रत्येक जिले में स्थापना दिवस महोत्सव मनाए जाएंगे। कामगारों-श्रमिकों को आर्थिक व सामाजिक सुरक्षा देने और प्रदेश के साथ हर जिले की जीडीपी गणना भी की जाएगी।
युवाओं को रोजगार, श्रमिकों को सुरक्षा, प्रतिभाओं के सम्मान व जिलों के विकास के लिए यह पांचों घोषणाएं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी के 71वें स्थापना दिवस के अवसर पर रविवार को यहां अवध शिल्पग्राम में कीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अपने युवाओं को नया मंच देकर नई उड़ान के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
अफसर चलाएंगे कोचिंग
मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान प्रयागराज व राजस्थान के कोटा में कोचिंग कर रहे 30 हजार युवाओं को सुरक्षित उनके घर पहुंचाया गया। तभी यह तय किया था कि भविष्य में प्रदेश के युवाओं को कोचिंग के लिए अपने जिले या प्रदेश से बाहर न जाना पड़े। बसंत पंचमी के दिन से सरकार पहले चरण में 18 मंडल मुख्यालयों पर अभ्युदय कोचिंग सेंटर शुरू करने जा रही है। राज्य विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों के भवनों में संचालित इन कोचिंग सेंटरों में नीट, र्जेईई, एनडीए, सीडीएस व यूपीएससी के लिए निशुल्क शिक्षा दी जाएगी। अभ्युदय देश की सबसे अच्छी कोचिंग व्यवस्था होगी जहां पर प्रदेश के अधिकारी अपनी सेवाएं देंगे। इसके लिए विषय विशेषज्ञों का पैनल तैयार किया जा रहा है। यहां से विद्यार्थी वर्चुअल कोचिंग भी प्राप्त कर सकेंगेे।
गौरव सम्मान के लिए कमेटी गठित
योगी ने कहा कि कला, संस्कृति, खेल, विज्ञान-प्रौद्योगिक सहित अन्य क्षेत्रों में यूपी को नई पहचान दिलाने वाली तीन से पांच प्रतिभाओं को हर वर्ष यूपी गौरव सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। प्रतिभाओं के चयन के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। इसी साल से राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के हाथों यह पुरस्कार दिलाए जाएंगे।
जिलों के स्थापना दिवस पर प्रतिभा का सम्मान
24 जनवरी, 1950 को यूपी की स्थापना हुई थी। इसलिए 24 से 26 जनवरी तक यूपी दिवस मनाया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जिले में स्थापना दिवस जैसे महोत्सव आयोजित कर हर फील्ड में अच्छा काम करने वालों को सम्मानित कर उनकी ऊर्जा का प्रदेश के विकास में उपयोग किया जा सकता है।
जिलों की जीडीपी गणना से बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जिले में अपनी जीडीपी बढ़ाने की क्षमता है। यदि इनके बीच जीडीपी की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होगी तो गौतमबुद्धनगर और बलरामपुर में जो अंतर अभी देखने को मिलता है वह नहीं मिलेगा। इस माध्यम से विकास की बहुत सी संभावनाओं को आगे बढ़ाया जा सकता है।
आपदा में सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार दुनिया में कहीं भी काम कर रहे यूपी के कामगारों-श्रमिकों को सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा की गारंटी देने के लिए रोजगार एवं सेवा योजना आयोग के माध्यम से नई योजना शुरू करने जा रही है। आयोग के पोर्टल पर पंजीकृत श्रमिकों को भविष्य में महामारी के समय सरकार यह सुरक्षा प्रदान करेगी। सरकार की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता उनका सबसे बड़ा सुरक्षा चक्र बनेगी।