पिता आजम खां के साथ अब्दुल्ला आजम
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रामपुर की स्वार विधानसभा सीट पर उपचुनाव से पहले सपा नेता आजम खां के परिवार को एक और झटका लगने जा रहा है। उनके बेटे मो. अब्दुल्ला आजम खां के चुनाव लड़ने पर 6 साल के लिए रोक लग सकती है। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति को पत्र लिखा है। भारत निर्वाचन आयोग से सहमति लेकर उनके चुनाव लड़ने पर रोक का आदेश जारी हो सकता है।
अब्दुला आजम 2017 में स्वार सीट से विधायक चुने गए थे। उस समय उनकी उम्र 25 साल नहीं थी। इसलिए वह फर्जी जन्म तिथि के आधार पर चुनाव लड़े। आरोप सही पाए जाने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिसंबर 2018 में उनके निर्वाचन को अवैध ठहराया था। विधानसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता खारिज करने की अधिसूचना जारी कर दी थी।
अब विधानसभा सचिवालय ने भ्रष्ट आचरण का दोषी करार दिए जाने पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 की धारा (8 ) क तहत अब्दुल्ला आजम के चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाने की संस्तुति की है। इस संबंध में प्रमुख सचिव विधानसभा की ओर से राष्ट्रपति को पत्र भेजा गया है। अब्दुल्ला इन दिनों पिता आजम खां व मां तजीन फातिमा के साथ सीतापुर जेल में बंद हैं। उनके चुनाव लड़ने पर रोक लगी तो स्वार में उनके फिर से उपचुनाव लड़ने का रास्ता बंद हो जाएगा। सियासी हल्कों में ऐसी अटकलें थी कि समाजवादी पार्टी अब्दुल्ला को फिर से स्वार से चुनाव लड़ा सकती है। जमानत नहीं मिलने पर वह जेल से भी चुनाव लड़ सकते थे।
विधानसभा सचिवालय की ओर से राष्ट्रपति को लिखे पत्र में कहा गया है कि फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनवाकर चुनाव लड़ने पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 16 दिसंबर 2018 को अब्दुल्ला आजम को भ्रष्ट आचरण का दोषी माना था। इसी के चलते उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म कर दी गई थी।
काजिम अली ने थी प्रतिबंध की मांग
वर्ष 2017 में अब्दुल्ला आजम के खिलाफ स्वार से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले पूर्व विधायक नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने अब्दुल्ला के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने की मांग की थी। इस संबंध में उन्होंने पत्र लिखा था। उन्होंने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम का हवाला दिया था जिसमें भ्रष्ट आचरण के दोषी को चुनाव लड़ने से रोके जाने का प्रावधान है। विधानसभा सचिवालय ने इस पत्र पर विधिक राय लेने के बाद द्वारा विधि विभाग की राय ली। इसी के बाद राष्ट्रपति को पत्र लिखा गया है।