अब्दुल रहमान के मोबाइल की छानबीन में तमाम ऐसे वीडियो मिले, जिसमें उसके खतरनाक मंसूबों को देखकर अधिकारियों के होश उड़ गए। अब जांच एजेंसियां आईएस के हैदराबाद माड्यूल के उसके मददगारों को तलाश रही हैं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि उसे घातक हथियार किसने मुहैया कराए थे।
रामनगरी अयोध्या के मिल्कीपुर का रहने वाला अब्दुल रहमान आतंकी संगठन आईएस के हैदराबाद माड्यूल के संपर्क में था। सूत्रों के मुताबिक आईएस के हैंडलर अबू सूफियान ने ही उसे राम मंदिर पर हमला करने के लिए उकसाया था। वह सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर युवाओं को डमी हथियारों के जरिये उन्हें चलाने की ट्रेनिंग भी दे रहा था। इसकी वजह से वह अबू सूफियान की नजरों में आया था।
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दरअसल, हरियाणा और गुजरात पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में फरीदाबाद से आतंकी अब्दुल रहमान की गिरफ्तारी के बाद केंद्रीय खुफिया एजेंसियों और यूपी एटीएस ने उसके मिल्कीपुर स्थित घर पर छापा मारा था। छापे में तमाम डमी हथियार बरामद हुए थे। इनमें राकेट लांचर, एके-47, पिस्टल, हैंडग्रेनेड आदि थे। साथ ही आईएस का झंडा और आतंकी साहित्य भी मिला था।
कई दिनों से पुलिस की थी नजर
सोशल मीडिया पर अब्दुल रहमान के कई वीडियो अपलोड होने के बाद गुजरात पुलिस उस पर पैनी नजर रख रही थी। जैसे ही वह 4 मार्च को फरीदाबाद पहुंचा, एजेंसियां हरकत में आ गईं और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
दरअसल, गुजरात पुलिस को डर था कि वह दिल्ली में आतंकी हमले को अंजाम दे सकता है। वहीं, अब्दुल रहमान से पूछताछ करने फरीदाबाद गई एटीएस की टीम वापस आ गई है। एडीजी एटीएस नीलाब्जा चौधरी ने बताया कि टीम ने अन्य एजेंसियों के साथ अब्दुल रहमान से पूछताछ की है।