फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

‘आप’ यानी धरना तय है

Sat, 05 Apr 2014 12:42 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
‘आप’ यानी आम आदमी पार्टी का कोई काम बिना धरने के पूरा नहीं होता। केजरीवाल से लेकर छोटे कार्यकर्ता कभी भी कहीं भी धरने पर बैठ सकते हैं।
विज्ञापन


लखनऊ से चुनाव लड़ने पहुंचे फिल्मी सितारे जावेद जाफरी ने भी शुरुआत धरने से ही की। राजधानी में रोड शो की इजाजत नहीं मिली तो एयरपोर्ट पर ही समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए।
विज्ञापन


तगड़ी गर्मी थी सो 15-20 मिनट बाद ही धरने से उठ भी गए। इस पर विपक्षी दलों ने खूब चुटकी ली।

लोग कह रहे हैं कि यह पार्टी का असर है। चुटकी ली जा रही है कि केजरीवाल की पत्नी तक इससे आजिज आ गई हैं।

पार्टी के लोग ही किस्सा बयां करते हैं कि केजरीवाल अब घर में भी जब टॉयलेट में 15 मिनट से ज्यादा समय लगाते हैं तो उनकी पत्नी पूछ बैठती है- ‘अजी, नाश्ता लगा दूं या धरने पर बैठ गए...।’
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें