जिस उम्र में बच्चे ठीक से बोल भी नहीं पाते उस उम्र में शहर की बेटी आद्या मिश्रा ने संविधान की प्रस्तावना को कंठस्थ करके अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। अब उनका नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज होगा। शहर के न्यू इंदिरा नगर कॉलोनी निवासी एक निजी स्कूल में पढ़ने वाली आद्या मिश्रा ने महज 38.38 सेकंड के अंदर भारतीय संविधान की आत्मा और कुंजी कहे जाने वाले प्रस्तावना को कंठस्थ कर लिया। वह प्रस्तावना मौखिक सुना देती हैं। आद्या के पिता अरुण कुमार मिश्रा परिषदीय विद्यालय में शिक्षक के रूप में कार्य कर रहे हैं। वर्तमान में वह भी सिविल सेवा की तैयारी कर रहे हैं। पिता का कहना है कि छोटी उम्र में बेटी की इस उपलिब्ध से परिवार के लोग गदगद हैं।
पिता का कहना है कि आद्या अपनी कक्षा में बेहतर प्रदर्शन करती हैं। इसके अलावा विभिन्न गतिविधियों में एक्टिव रहती हैं। इतना ही नहीं, बच्ची अपनी मेधा का परिचय देते हुए भारत के संविधान की प्रस्तावना को बिना रुके सुना देती है। अरुण कहते हैं कि हमारे देश के संविधान की प्रस्तावना के शब्द अत्यंत जटिल और व्यापक अर्थ से परिपूर्ण हैं। जिसे एक वयस्क को पढ़ने और कंठस्थ करने में समस्या आती है। यहां तक कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले बच्चों को भी इसे याद करने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
ऐसे में 4 साल की नन्हीं आद्या ने इसे कंठस्थ कर 38.38 सेकंड में मौखिक सुना करके एक मिसाल कायम की है जो सभी के लिए प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने बताया कि इस उम्र में बच्चों की स्मरण शक्ति काफी तीव्र होती है जिससे बच्चे जो कुछ भी कंठस्थ करना चाहें कर सकते हैं बस आवश्यकता है उन्हें सही दिशा देने और मार्गदर्शन करने की।
इंडिया बुक का रिकॉर्ड में दर्ज होगा नाम
भारत के संविधान के प्रस्तावना को सबसे कम उम्र की बच्ची द्वारा 38.38 सेकंड के अंदर सुनाने के लिए आद्या मिश्रा का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज होने जा रहा है। इसकी जानकारी आईबीओ टीम ने सूचना भेजी है।