सचिन के खिलाफ पीजीआई थाने में सात आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह हाल में हत्या के प्रयास के मामले में जमानत पर बाहर आया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फायर आर्म्स इंजरी आया है।
सचिन के भाई विवेक के अनुसार, सचिन रविवार शाम घर से पान-मसाला खरीदने निकला था। इसके बाद नहीं लौटा। मंगलवार सुबह परिजन उसकी गुमशुदगी दर्ज कराने थाने जा रहे थे। इस बीच सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में शव मिलने की सूचना पर परिजन वहां पहुंचे और शव देखकर पहचान सचिन के रूप में की। विवेक के अनुसार, कुछ लोग सचिन को केस वापस लेने की धमकी दे रहे थे। इसी कारण उसकी हत्या की गई है।
इंस्पेक्टर सुशांत गोल्फ सिटी राजीव रंजन उपाध्याय ने बताया कि फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है, पर लिखित शिकायत नहीं की है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी जा रही है। डॉक्टरों के पैनल से सचिन के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
सूत्रों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में गोली लगने की पुष्टि हुई। सिर की हड्डी भी टूटी मिली है। घरवाले शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखकर चले गए और बुधवार को ले जाने की बात कही है। सचिन के परिवार में पिता डेयरी संचालक विनेश यादव, मां राम दुलारी और दो भाई हैं।
दोनों मोबाइल फोन गायब
विवेक का कहना है कि सचिन के पास दो मोबाइल फोन थे। दोनों गायब हैं। इंस्पेक्टर के अनुसार, यह पता लगाया जा रहा है कि उसका किन लोगों के साथ उठना-बैठना था। कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है। वहीं उसके खिलाफ पहले से दर्ज सात आपराधिक मामलों से जुड़े पहलूओं पर भी जांच की जा रही है।
छह माह पहले भाई की हुई थी हत्या
रेवतापुर में सचिन के भाई प्लंबर सोनू यादव परिवार के साथ रहते थे। 20 अक्तूबर 2025 को पड़ोस में रहने वाले पट्टीदार डेयरी संचालक अजय यादव से किसी बात पर विवाद हो गया था। दोनों परिवार से महिला, पुरुष आमने-सामने आ गए थे। दोनों तरफ से जमकर ईंट व पत्थर चले। इस बीच अजय यादव की तरफ से लाइसेंसी राइफल से फायरिंग की गई। इसमें सोनू यादव के पेट में गोली लगी थी और उनकी मौत हो गई थी। इस मामले में एक पक्ष से हत्या और दूसरे पक्ष से हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया गया था। इसी मामले में सचिन को जेल जाना पड़ा था।