लखनऊ। हुसैनगंज के तिलपुरवा निवासी आनंद तिवारी (35) ने सोमवार को घर पर फंदा लगा लिया। वह काफी समय से अवसाद से ग्रसित थे और उनका इलाज भी चल रहा था। आनंद प्राइवेट प्रिंटिंग प्रेस में नौकरी करते थे। परिजनों ने किसी पर आरोप नहीं लगाया है।
गोपाल बाजपेई ने बताया कि उनका साला आनंद तिवारी तीन दिन पहले पत्नी सोनी और दोनों बच्चों के साथ सीतापुर के लहरपुर स्थित ससुराल में वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। रविवार दोपहर वह उनके साथ लखनऊ लौटे थे। सोमवार की सुबह पत्नी ने आनंद को कई बार फोन किया। कोई जवाब न मिलने पर सोनी ने रिश्तेदार अंतेश को फोन करके घर जाकर आनंद का हाल लेने के लिए कहा। अंतेश घर पहुंचे तो अंदर कमरे में आनंद कुंडे से तौलिया के सहारे फंदे पर लटके मिले। अंतेश ने घटना की जानकारी सोनी और परिजनों को दी। गोपाल के मुताबिक आनंद काफी समय से मानसिक रूप से बीमार थे। उनका इलाज चल रहा था। इसी कारण वह तनाव में रहते थे। एसीपी विकास जायसवाल ने बताया कि परिजनों ने कोई तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलने पर छानबीन की जाएगी।