जानकारी मिलने पर अमर उजाला ने पहल करते हुए शवों के अंतिम संस्कार के काम में लगे इमदाद इमाम को सूचना दी। अमर उजाला से सूचना पाकर उनकी टीम के मेंहदी रजा, आबिद और जीशान खान मौके पर पहुंचे और पीपीपी किट पहनकर महिला के शव को एंबुलेंस में रखा। इसके बाद घर में ताला लगाकर चाबी मोहल्ले वालों को सौंपने के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए।
करीब आठ घंटे की जद्दोजहद के बाद बुजुर्ग का अंतिम संस्कार हो सका। जीशान ने बताया कि वह और उनके दोस्त कोरोना काल में ऐसे लोगों की मदद कर रहे हैं। रोजा होने के बावजूद वह न सिर्फ जरूरतमंदों की मदद में लगे हैं, बल्कि दूसरों को भी प्रेरित कर रहे हैं।