लखनऊ। सिविल कोर्ट के अभियोजन कार्यालय में तैनात सिपाही प्रदीप सिंह भदौरिया ने खुद को सपा की प्रदेश सचिव बताने वाली साइमा खान पर बंदी से खुले में मिलाने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। साइमा व अधिवक्ता की ड्रेस पहने पांच लोगों पर उन्हें पीटने का भी आरोप है। कोर्ट के आदेश पर वजीरगंज पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
प्रदीप के मुताबिक 27 मार्च को वह कोर्ट स्थित लॉकअप में तैनात थे। लॉकअप में 72 बंदी थे। सुबह चिनहट की मल्हौर निवासी साइमा पांच लोगों के साथ लॉकअप के पास पहुंचीं। आरोप है कि वह उन पर बिना लिखा-पढ़ी के लॉकअप में बंद परिचित से बाहर मिलाने का दबाव बनाने लगीं। विरोध पर उन्होंने गाली-गलौज करते हुए उन्हें पीटना शुरू कर दिया। किसी तरह से जान बचाकर उन्होंने खुद को लॉकअप में बंद कर लिया। आरोपी लॉकअप का चैनल तोड़ने का प्रयास करने लगे। सिपाही ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर इंस्पेक्टर वजीरगंज पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे तब हालात सामान्य हो सके।
सिपाही का आरोप है कि चैनल टूट जाता तो सारे बंदी भाग जाते और आरोपी उनकी हत्या कर देते। पुलिस पर भी तहरीर मिलने पर कार्रवाई न करने का आरोप है। ऐसे में सिपाही ने कोर्ट की शरण ली। इंस्पेक्टर राजेश कुमार त्रिपाठी के मुताबिक विवेचना एडिशनल इंस्पेक्टर विनोद कुमार सिंह कर रहे हैं, जो भी साक्ष्य सामने आएंगे उस आधार पर कार्रवाई होगी।