हादसे की जानकारी मिलते ही अभिभावक रामखेलावन व अन्य लोगों ने विद्यालय पहुंचकर नाराजगी जताते हुए हंगामा किया। अभिभावकों का कहना था कि विद्यालय परिसर में दो दर्जन से अधिक पुराने यूकेलिप्टस के पेड़ हैं, जिनमें कुछ झुके हुए हैं और वे कभी भी गिर सकते हैं। जब तक इन पेड़ों को हटाया नहीं जाता, वे बच्चों को विद्यालय नहीं भेजेंगे।
एक-दूसरे की जिम्मेदारी बताकर झाड़ रहे पल्ला
सहायक अध्यापक जगदेव प्रसाद यादव ने बताया कि उन्होंने कई बार विभाग को पत्र भेजकर पेड़ कटवाने की मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्राम प्रधान मदन मोहन सिंह ने भी विभाग पर सवाल उठाते हुए कहा कि दो बार अतिरिक्त कक्षा निर्माण की स्वीकृति मिली, लेकिन पेड़ कटान न होने से काम नहीं हो सका। उधर, एबीएसए सुशील कन्नौजिया का कहना था कि अध्यापकों ने कभी इस संबंध में उन्हें सूचना नहीं दी। मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
विद्यालय में गिरा पेड़।