लखनऊ कैसरबाग स्थित पुराने उच्च न्यायालय में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित लोक
लखनऊ। नाका निवासी हरजिंदर कौर (बदला हुआ नाम) और उनके पति के बीच दस वर्षों से चल रहा पारिवारिक विवाद आखिरकार राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी सहमति से सुलझ गया। दोनों पक्षों ने समझौता करते हुए तलाक लेने का फैसला किया, जिसे अदालत ने महज दस मिनट में मंजूरी दे दी। महिला के अधिवक्ता ने बताया कि दस साल की कानूनी खींचतान के बाद यह समाधान दोनों पक्षों की सहमति से हुआ। लोक अदालत में कुल 20,740 मामलों का निस्तारण किया गया।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सहयोग से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला जज बबीता रानी ने पुराना हाईकोर्ट परिसर में दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर नोडल अधिकारी रवींद्र कुमार द्विवेदी, सचिव मीनाक्षी सोनकर सहित कई न्यायिक अधिकारी और अधिवक्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में जनसाहस संस्था द्वारा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को कानूनी जानकारी दी गई। विनायक ग्रामोद्योग संस्थान के सहयोग से निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में आंखों की जांच और मुफ्त चश्मों का वितरण किया गया। इसके अलावा रक्तदान और नशा उन्मूलन शिविर का आयोजन भी किया गया। जिला जेल के बंदियों द्वारा निर्मित सामग्री की प्रदर्शनी भी दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र रही।
52 करोड़ रुपये की वसूली
मोटर दुर्घटना प्रतिकर के 96, वैवाहिक विवाद के 117, दीवानी के 233 और आपराधिक शमनीय श्रेणी के 18,335 मामले शामिल थे। एनआई एक्ट से जुड़े 1,503, विद्युत संबंधी 211 और अन्य 245 मामलों को भी सुलझाया गया। मोटर दुर्घटना प्रतिकर मामलों में दो करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा तय किया गया। दीवानी मामलों में सात करोड़ और अन्य मामलों में 37 करोड़ से अधिक की वसूली की गई। वहीं, बैंक ऋण वसूली से जुड़े प्रि-लिटीगेशन मामलों में आठ करोड़ रुपये से अधिक की राशि वसूल कर समाधान किया गया।