यूपी में अमृत योजना के क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तर पर ‘प्रोजेक्ट डवलपमेंट एंड मैनेजमेंट कंसल्टेंट’ (पीडीएमसी) के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इस बारे में ‘राज्य स्तरीय तकनीकी समिति’ ने एक प्रस्ताव को मंजूरी दी है। पीडीएमसी के गठन के लिए अब विभिन्न क्षेत्र के विशेषज्ञों की नियुक्ति की जाएगी।
इनमें अधिकतर पद तकनीकी, आईटी, मैनेजमेंट व वित्त क्षेत्र से संबंधित हैं। हालांकि सभी पदों पर संविदा के आधार पर नियुक्ति की जाएगी।
बता दें कि केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के दिशा निर्देश के मुताबिक अमृत योजना के क्रियान्वयन के लिए हर प्रदेश में पीडीएमसी का गठन किया जाना है। मगर, यूपी में अभी यह नहीं बन पाया है।
नियमित निगरानी के लिए नहीं बनी पीडीएमसी
हालांकि योजना के तहत कार्य शुरू कर दिए गए हैं, लेकिन इसकी नियमित निगरानी के लिए पीडीएमसी बनाने को लेकर सक्रियता नहीं दिखाई गई।
जबकि राज्य स्तर पर नामित मिशन निदेशक की ओर से पीडीएमसी के गठन का प्रस्ताव पिछले साल नवंबर में ही तैयार करके मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनी राज्य स्तरीय तकनीकी समिति को भेज दिया गया था। पर, वहां से मंजूरी मिलने में करीब 7 महीने बीत गए।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय द्वारा पूछताछ के बाद तकनीकी समिति ने पीडीएमएसी के गठन से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके बाद इसमें प्रस्तावित पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
राज्य मिशन निदेशालय विभिन्न पदों पर विशेषज्ञों के चयन के लिए जल्द ही साक्षात्कार लेगा। करीब 200 पदों पर नियुक्तियां होंगी। इसके लिए मिशन निदेशक की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई है।
इसमें मिशन निदेशक के अलावा क्षेत्रीय नगर एवं पर्यावरण अध्ययन केंद्र (आरसीयूईएस) के अपर निदेशक, एनआईसी, नगर विकास, आवास एवं शहरी नियोजन, लोनिवि व स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधियों को सदस्य बनाया गया है। यह समिति ही आवेदकों का साक्षात्कार लेगी।
इन पदों पर होंगी नियुक्तियां
-टीम लीडर/अर्बन मैनेजमेंट विशेषज्ञ
-सिस्टम इंजीनियर/आईटी विशेषज्ञ
-प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर
-मॉनिटरिंग एक्सपर्ट
-सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट एक्सपर्ट
-पब्लिक हेल्थ इंजीनियर
-डिजाइन इंजीनियर
-म्युनिस्पल फाइनेंस एक्सपर्ट