लखनऊ। दोस्तों के साथ बीबीडी इलाके में स्थित खरजा नहर में सोमवार को नहाने गए छात्र ग्वारी गांव निवासी जीत बहादुर (15) की डूबने से मौत हो गई। मंगलवार को नहर से उसका शव बरामद हुआ। पिता अमरनाथ यादव ने जीत के दोस्तों पर उसे नहर में फेंककर मार डालने का आरोप लगाया है। परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा भी किया।
जीत के पिता ने बताया कि बेटा सोमवार सुबह 11 बजे साइकिल से मोहल्ले के दोस्तों के साथ मैच खेलने की बात कह कर घर से निकला था। देर शाम तक घर नहीं लौटा तो उसकी खोजबीन शुरू की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। इस पर रात में करीब आठ बजे गोमतीनगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराते हुए पुलिस को जीत के दोस्तों के बारे में जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने उसके दोस्तों को बुलाकर पूछताछ की। इंस्पेक्टर गोमतीनगर बृजेश चंद्र तिवारी का कहना है कि मंगलवार को नहर से जीत का शव बरामद कर लिया गया है। मामले की पड़ताल की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दोस्त को बचाने के चक्कर में डूब गया जीत
पूछताछ में पता चला कि जीत पांच दोस्तों के साथ नहाने के लिए खरजा नहर गया था। नहाते समय अचानक उसका एक दोस्त डूबने लगा। इस पर जीत उसे बचाने गया और खुद डूब गया, जबकि दोस्त बाहर निकल आया। जीत के डूब जाने के बाद पांचों दोस्त वहां से भाग निकले। उन्होंने परिजनों को भी इसकी जानकारी नहीं दी। पूछताछ के बाद पुलिस परिजनों को लेकर सोमवार रात में खरजा नहर पहुंची, लेकिन अंधेरे के कारण जीत की तलाश नहीं हो सकी। मंगलवार सुबह गोताखोरों की मदद से शव बरामद किया गया।
तीन भाई बहनों में सबसे छोटा था छात्र
मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। कहा कि पुलिस ने जीत के दोस्तों को पूछताछ के लिए बुलाया था, जिन्हें बाद में छोड़ दिया। पुलिस ने किसी तरह परिजनाें को शांत कराया। जीत हाईस्कूल का छात्र था। अमरनाथ ऑटो चालक हैं। परिवार में जीत की मां संगीता, बड़ी बहन कशिश और भाई आर्यन है। जीत तीनों भाई बहनों में सबसे छोटा था।