इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स की ओर से हुए अभियंता दिवस समारोह में इंजीनियर अध्यक्ष विजय प्रताप सि
लखनऊ। तकनीक की रफ्तार के साथ कदम मिलाकर ही भारत को आत्मनिर्भर और मजबूत बनाया जा सकता है। इसके लिए इंजीनियरिंग में उत्कृष्टता, नवाचार और सतत विकास को प्राथमिकता देनी होगी। इसी संकल्प के साथ मंगलवार को रिवर बैंक कॉलोनी स्थित इंजीनियर्स भवन में 59वां अभियंता दिवस मनाया गया। भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की 165वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। समारोह में इंस्टीट्यूट ऑफ मरीन इंजीनियर्स (इंडिया) के लखनऊ चैप्टर का शुभारंभ भी हुआ।
मुख्य अतिथि सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता व विभागाध्यक्ष संदीप कुमार ने युवा अभियंताओं से नई तकनीक अपनाने और सतत विकास की दिशा में काम करने का आह्वान किया। आईएमईआई के लखनऊ चैप्टर से मरीन इंजीनियरिंग के क्षेत्र में तकनीकी गतिविधियों, ज्ञान के आदान-प्रदान और पेशेवर विकास को बढ़ावा मिलेगा। संस्था के अध्यक्ष इं. वीपी सिंह ने कहा कि इंजीनियर तकनीकी विकास के साथ देश के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी अहम योगदान देते हैं। मानद सचिव इं. एनके निषाद ने आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इं. अनिल गुप्ता, इं. कौशिक सील, इं. करुणेश वर्मा और कैप्टन डॉ. भास्कर भंडारकर समेत बड़ी संख्या में अभियंता व तकनीकी विशेषज्ञ मौजूद रहे।
इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स की ओर से हुए अभियंता दिवस समारोह में इंजीनियर अध्यक्ष विजय प्रताप सि
इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स की ओर से हुए अभियंता दिवस समारोह में इंजीनियर अध्यक्ष विजय प्रताप सि
इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स की ओर से हुए अभियंता दिवस समारोह में इंजीनियर अध्यक्ष विजय प्रताप सि