डॉक्टर साहब बोल रहे थे और मैं सोच रहा था कि सत्य बता दूं तो राजनारायण को डांट पड़ेगी, नहीं बता रहा हूं तो खुद सुन रहा हूं। मैं डॉ. साहब के साथ बाराबंकी पहुंचा। वहां उन्हें रामसेवक यादव का चुनाव प्रचार करना था। डॉक्टर साहब ने यादव जी से मेरे बयान का जिक्र किया।
यादव जी ने सच्चाई बताई तो डॉक्टर साहब ने मुझसे कहा, ‘बेकार में तुम्हें डांट दिया। बताना चाहिए था। अपने नाम से किसी को बयान न देने दो, भले ही वह वरिष्ठ नेता ही क्यों न हो।’