सेना में तैनात नायब सूबेदार भगवान सिंह (45) रविवार रात जम्मू कश्मीर के पुंछ में हुए ग्रेनेड विस्फोट में शहीद हो गये। हादसे के कुछ ही घंटे पहले उनकी अपने छोटे भाई मृत्युंजय से फोन पर बात हुई थी। भगवान सिंह का पार्थिव शरीर मंगलवार शाम तक उसके घर पहुंचने की उम्मीद है।
राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र के पोखरभिट्टा गांव निवासी भगवान सिंह पांच राजपुताना राइफल्स में बतौर नायब सूबेेदार जम्मू कश्मीर के मेंधार सेक्टर में तैनात थे। रविवार रात पुंछ जिले में एलओसी के निकट हुए ग्रेनेड ब्लास्ट में वे शहीद हो गए। देर रात सेना की तरफ से खबर मिलते ही गांव में कोहराम मच गया। उन्होंने हादसे से कुछ देर पहले ही अपने भाई मृत्युंजय को फोन कर बात की थी।
इसमें कृषि कार्यों को और बेहतर ढंग से करने के लिए ट्रैक्टर खरीदने पर लंबी चर्चा हुई थी। इसी बातचीत के कुछ देर बाद हुए हादसे में देश के लिए अपनी मिट्टी के लाल के शहीद होने की खबर मिलते ही गांव व क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। भगवान सिंह के भाई मृत्युंजय सिंह ने बताया कि पार्थिव शरीर के मंगलवार शाम तक यहां पहुंचने की उम्मीद है। इसके बाद कम्हरिया घाट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा।
दिल्ली से आ रहीं पत्नी व दोनों बच्चे
शहीद सैनिक की पत्नी माला सिंह अपने दोनों बच्चों के साथ दिल्ली में रहती हैं। उन्हें भी सेना की तरफ से घटना की जानकारी दी गई, लेकिन यह नहीं बताया गया कि उनके पति अब इस दुनिया में नहीं हैं। वे अपनी पुत्री स्मृति (17) तथा पुत्र यशवीर के साथ राजेसुल्तानपुर के लिए निकल पड़ी हैं।