दिवाकर के मुताबिक 13 जुलाई को दोपहर 12 बजे उनके पास अनजान नंबर से व्हॉट्सएप कॉल आई थी। फोन करने वाले ने उन्हें खुद को एटीएस का अफसर बताया था। उसने कहा कि तुम आतंकी संगठन से जुड़े हुए हो। इसलिए तुम्हें उठाने आ रहे हैं। यह सुन वह घबरा गए। काफी मिन्नत करने पर ठग ने कहा कि जेल जाने से बचना चाहते हो तो पूछताछ होगी। हामी भरने पर ठग ने पूछताछ के बहाने उन्हें दो घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रखा।
ठग ने कहा कि गिरफ्तारी से बचना चाहते हो तो पांच लाख रुपये देने होंगे। दिवाकर ने उसके भेजे गए खाते में कई बार में पांच लाख भेज दिए। इसके बाद जालसाज ने कॉल काट दी। इंस्पेक्टर सरोजनीनगर राजदेव राम प्रजापति के मुताबिक िजस नंबर से बुजुर्ग को कॉल आई थी और जिस खाते में रकम ट्रांसफर की गई है। उसका ब्योरा साइबर सेल के जरिये खंगाला जा रहा है।
ऐसे बचें : आपके पास अनजान नंबर से काॅल आए तो सावधान हो जाएं। कॉल करने वाला शख्स कहता है कि आपके नाम से पार्सल बुक है। कस्टम विभाग ने पकड़ा है। केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है, तो सतर्क हो जाएं। ये कॉल साइबर ठग की होती है।
यहां करें शिकायत : यदि आप ठगी का शिकार होते हैं तो साइबर क्राइम थाने, साइबर सेल, लोकल पुलिस स्टेशन, टोल फ्री नंबर 1930 या www.cybercrime.gov.in वेबसाइट के जरिये शिकायत दर्ज करा सकते हैं।