फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Investment in UP: पहले शिलान्यास समारोह में बाधा बन रही भूमि, औद्योगिक विकास विभाग की रिपोर्ट में खुलासा

Mon, 05 Jun 2023 12:11 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

औद्योगिक विकास विभाग की ओर से मुख्य सचिव को पेश रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि निवेशकों को अब तक भूमि उपलब्ध न होने के कारण शिलान्यास समारोह का आयोजन नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन
मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

वैश्विक निवेशक सम्मेलन के पहले भूमि पूजन/शिलान्यास समारोह में भूमि उपलब्ध न होना बड़ी बाधा बन रही है। इससे बड़े निवेशकों को औद्योगिक इकाइयां लगाने के लिए भूमि नहीं मिल रही है। जिला से लेकर शासन से भी इसका समाधान नहीं हो पा रहा है। औद्योगिक विकास विभाग की ओर से मुख्य सचिव को पेश रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।

विज्ञापन


अब तक 35.78 लाख करोड़ रुपये निवेश के लिए 22,426 निवेश करार साइन हुए हैं। दशहरा से लेकर दीपावली के बीच प्रस्तावित पहले भूमि पूजन के लिए 5701 परियोजनाओं का चयन किया गया है। इन परियोजनाओं से 7,86,748 लाख करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतारने का लक्ष्य है। 1469 निवेशकों ने अब तक भूमि आवंटित कराने के लिए आवेदन किया है। 1021 के लिए भूमि उपलब्ध है, 448 निवेशकों को अभी भूमि की आवश्यकता है।

ये भी पढ़ें -  शिविर के जरिए मिशन 2024 फतह की तैयारी, धार्मिक स्थलों के जरिए नर्म हिंदुत्व का देंगे संदेश
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - शेरपुरिया को ईडी ने सात दिन की रिमांड पर लिया, गोपनीय स्थान पर लेकर जाकर की जा रही पूछताछ
विज्ञापन


बड़े उद्यमियों ने शासन को बताया है कि जिला स्तर पर कृषि भूमि को गैर कृषि उपयोग में परिवर्तन कराने के लिए भू राजस्व अधिनियम की धारा 80 के तहत आवेदन किया है। लेकिन जिला स्तर पर इसमें काफी विलंब हो रहा है।

उद्योग लगाने के लिए अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की कृषि भूमि के उपयोग की अनुमति देने का काम भी शासन स्तर पर लंबित है। इसी प्रकार एक निवेशक को 12.5 एकड़ से अधिक भूमि खरीदने की मंजूरी देने का निर्णय भी शासन स्तर पर लंबित है। सूत्रों के मुताबिक मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा ने जिला स्तर से आ रही समस्याओं के समाधान के लिए सभी डीएम को निर्देश दिए हैं कि निवेशकों की भूमि से जुड़ी समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाए। शासन स्तर पर होने वाले निर्णयों के लिए राजस्व विभाग को निर्देश दिए हैं।

भूमि की उपलब्धता और मांग की स्थिति
जिला --भूमि की मांग --उपलब्ध --आवश्यकता
गाजियाबाद -- 157 -- 18 -- 139
गौतमबुद्धनगर -- 93 -- 36 -- 57
लखनऊ -- 72 -- 46 -- 26
अलीगढ़ -- 51 -- 42 -- 9
मेरठ -- 4 -- 32 -- 12
आजमगढ़ -- 43 -- 42 -- 1
अमेठी -- 31 -- 25 -- 6
बरेली -- 28 -- 25 -- 3
प्रयागराज -- 29 -- 24 -- 5
अयोध्या -- 26 -- 19 -- 7
झांसी -- 18 -- 12 -- 6
कानपुर -- 18 -- 11 -- 7
आगरा -- 16 -- 11 -- 5
वाराणसी -- 18 -- 5 -- 13
गोरखपुर -- 16 -- 12 -- 4
मुरादाबाद -- 14 -- 7 -- 7
चित्रकूट -- 9 -- 5 -- 4

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें