पहले किसी भी संगठन की ताकत उससे जुड़े कर्मियों की संख्या से आंकी जाती थी, लेकिन अब संगठन की ताकत दिखाने के लिए दूसरे जरिये भी आ गए हैं।
दिखावे (शो ऑफ) का भी नया चलन शुरू हो गया है। ऐसे ही एक कर्मचारी संगठन के शीर्ष नेता का विजिटिंग कार्ड ही ले लीजिए।
उन्होंने अपना विजिटिंग कार्ड भी गजब का छपवा रखा है। प्लास्टिक की ट्रांसपैरेंट शीट पर कार्ड छपवाया है। इसमें प्लास्टिक की एक शीट पीछे से भी लगाई गई है ताकि कार्ड की छपाई न मिटे।
बात पिछले दिनों की है जब नेताजी ने अपना कार्ड एक व्यक्ति को दिया तो वे जिज्ञासु होकर बोले...बड़ा शानदार कार्ड छपवाया है आपने...। इस पर नेताजी बोले ...अरे भई बड़ा संगठन है इसलिए कार्ड भी वैसा ही छपवाना पड़ेगा।