भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विशेष न्यायाधीश संदीप गुप्ता ने पीएफ घोटाला मामले में शनिवार को यूपी पावर कॉर्पोरेशन लि. के पूर्व महाप्रबंधक एपी मिश्रा की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।
आरोपी की जमानत अर्जी पर बहस करते हुए वकील प्रांशु अग्रवाल ने कहा कि एपी मिश्रा को इस मामले में फर्जी फंसाया गया है।
वहीं, ईओडब्ल्यू के विशेष वकील अनिल प्रताप सिंह ने तर्क दिया कि आरोपी ने यूपी पावर कॉर्पोरेशन लि. के पूर्व वित्त निदेशक सुधांशु द्विवेदी और कर्मचारियों के ट्रस्ट के पूर्व सचिव प्रवीण कुमार गुप्ता के साथ मिलकर नियमों को दरकिनार और अपने पद का दुरुपयोग करते हुए एपी मिश्रा ने कर्मचारियों के भविष्य निधि के हजारों करोड़ रुपये डीएचएफएल में निवेश कर घोटाला किया।
कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी मिश्रा की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। इस मामले की रिपोर्ट पिछले साल दो नवंबर को दर्ज कराई गई थी।