नाका बाजार में कैमरे देखते खरीदार। -संवाद
लखनऊ। डिजिटल के बदलते दौर में ब्लॉगर व सोलर मीडिया इन्फ्लुएंसर ने राजधानी में एक नए बाजार को जन्म दिया है। हर हाथ में मोबाइल के बाद अब कैमरे का भी चलन शुरू हुआ है। यही वजह है कि इलेक्ट्रिक बाजार में इन दिनों कैमरा, ट्राइपॉड, माइक व अन्य उपकरणों की खरीदारी में तेजी के साथ उछाल देखा जा रहा है।
इंस्टाग्राम, फेसबुक, यूट्यूब व अन्य डिजिटल प्लेटफार्म की मदद से इन्फ्लुएंसर अपनी आमदनी को बढ़ा रहे हैं। जबकि, वीडियो और फोटोग्राफी में उपयोग किए जाने वाले कैमरे की खरीदारी से दुकानदारों की आमदनी बढ़ रही है। नाका बाजार में कैमरा विक्रेता देवेंद्र सिंह ने बताया कि अभी तक शादी विवाह और पत्रकारिता क्षेत्र में ही कैमरों की उपयोगिता थी लेकिन, बीते कुछ सालों से सोशल मीडिया का बाजार तैयार हुआ है। इस क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग जुड़ते जा रहे हैं। इसकी वजह से कैमरों की मांग भी बढ़ रही है।
सीसीटीवी की मांग में भी उछाल
हर व्यक्ति अपने घर की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरा लगा रहा है। इलेक्ट्रिक बाजारों से ऐसे कैमरों की मांग भी उछाल आया है। नाका इलेक्ट्रिक बाजार के कैमरा केयर साहिल ने बताया कि ब्लॉगर व सोलर मीडिया इन्फ्लुएंसर के अलावा एक वर्ग ऐसा भी है जिन्हें चोर कैमरा लेना पसंद है। यह ऐसा कैमरा होता है जिसे आप नहीं देख सकते लेकिन, यह आपको जरूर कैच कर लेगा। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरे की खरीदारी में भी बढ़ोतरी देखी गई है।
राजधानी से हर महीने 400 कैमरे की खरीदारी
सामान संख्या- कीमत
कैमरा 350- 400 पीस 100000- 500000 रुपये
ट्राइपॉड 200-250 पीस 1500 से 6000 रुपये
माइक 300-400 पीस 3000 से 20,000 रुपये
लाइट 450-500 पीस 800 से 7000 रुपये