वेदम वर्ल्ड स्कूल में हुआ आयोजन।
लखनऊ। मां बच्चों की पहली गुरु होती है और उसका रिश्ता जन्म से पहले ही बच्चे से जुड़ जाता है। जीवन में मां के योगदान का कोई मूल्य नहीं लगाया जा सकता, इसलिए मां का स्थान पृथ्वी से कम नहीं है। यह बातें डॉ. अल्का सिंह ने कहीं।
शनिवार को वेदम वर्ल्ड स्कूल में मातृ दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष कार्यक्रम में डॉ. अल्का सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम का उद्देश्य माताओं को विद्यालय की शिक्षण प्रक्रिया और शैक्षिक दर्शन से प्रत्यक्ष रूप से जोड़ना था।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की ओर से संचालित गतिविधियों और परियोजना आधारित शिक्षण सत्रों के माध्यम से माताओं को रचनात्मकता, संवाद, सहयोग, समस्या समाधान और अनुभवात्मक शिक्षण की प्रक्रिया से अवगत कराया गया। इस दौरान माताओं ने आधुनिक शिक्षण पद्धति को करीब से समझा और बच्चों की सीखने की प्रक्रिया में अपनी भूमिका पर चर्चा की। डॉ. अल्का सिंह ने विद्यालय के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इससे स्कूल और अभिभावकों के बीच मजबूत साझेदारी विकसित होगी, जो बच्चों के समग्र विकास में सहायक बनेगी।
इस अवसर पर स्कूल के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट शिव पांडेय ने ‘वेदम मातृ मंडल’ की अवधारणा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि यह दीर्घकालिक पहल माताओं को केवल अभिभावक के रूप में नहीं, बल्कि शिक्षण प्रक्रिया के सक्रिय सहयोगी के रूप में जोड़ने का प्रयास है। अभिभावक शिक्षा व्यवस्था के महत्वपूर्ण हितधारक हैं और बदलती शिक्षण पद्धति को समझना बच्चों को भविष्य के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।