बाराबंकी जिले की हैदरगढ़ तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस के आयोजन के दौरान स्वयं को आग लगाने वाले राजस्व निरीक्षक के निजी मुंशी की इलाज के दौरान मौत हो गई। बुधवार सुबह करीब 5 बजे उसने लखनऊ के सिविल अस्पताल में दम तोड़ दिया। यह खबर जैसे ही बाराबंकी पहुंची प्रशासनिक अधिकारियों में खलबली मच गई।
शनिवार को हैदरगढ़ तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस चल रहा था। सीडीओ एकता सिंह समस्याएं सुन रही थी। दोपहर करीब पौने दो बजे लोनीकटरा थाना क्षेत्र के नबीपुर मजरे फिरोजाबाद गांव निवासी एक राजस्व निरीक्षक के निजी मुंशी लाल डेंगा सिंह उर्फ सुरजीत सिंह तहसील पहुंचे। बरामदे के पास पहुंचते ही उसने एक प्लास्टिक बोतल में भरा पेट्रोल अपने ऊपर उड़ेल लिया और आग लगा ली।
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आग की लपटों के बीच युवक सभागार की ओर दौड़ा तो लोग सहम गए। कर्मचारियों ने आनन-फानन युवक पर कंबल डालकर आग बुझा दी। तहसील में ही मौजूद पुलिस झुलसे युवक को ई-रिक्शा से कुछ दूर स्थित सीएचसी लेकर गई थी। नायब तहसीलदार ने सीएचसी पर युवक का बयान दर्ज किया था। सीडीओ एकता सिंह भी सीएचसी पहुंची थी गईं। यहां प्राथमिक इलाज के बाद उसे गंभीर अवस्था में लखनऊ के सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया था।
लालडेंगा के परिजनों ने ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि व तहसीलदार पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था। जबकि ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि द्वारा मृतक पर आरोप लगाए गए थे। दोनों मामले की जांच चल रही है लेकिन आत्मदाह की कोशिश करने वाले युवक की मौत होने के बाद अधिकारियों में खलबली मची है। इस मामले में राजस्व निरीक्षक को डीएम द्वारा पहले ही निलंबित किया जा चुका है।