आगरा के बरहन का आशीष परमार उर्फ मौलाना सलमान गुरुवार को अपने रिश्तेदारों के साथ खुद ही पुलिस के पास पहुंच गया। उसने बताया कि वह पत्नी को सबक सिखाना चाहता था इसलिए धर्म बदल लिया।
किसी मुस्लिम लड़की के चलते धर्म परिवर्तन की बात गलत है। आशीष ने यह बयान छलेसर पुलिस चौकी में सीओ एत्मादपुर के समक्ष दर्ज कराया। इसके बाद वह घर नहीं लौटा। रिश्तेदारी में जाने की कहकर चला गया।
बता दें कि आठ दिसंबर को वेद नगर में मुस्लिम परिवारों के धर्मांतरण का मुद्दा उछलने के बाद आंवलखेड़ा (बरहन) के आशीष परमार के मुस्लिम धर्म अपनाने का भी मामला प्रकाश में आया।
आशीष के परिवारीजनों का आरोप था कि मेरठ में कुछ लोगों ने जबरन धर्म परिवर्तन कराकर उसे बंधक बना लिया है। परिवारीजन वहां के एसएसपी से भी मिले थे।
ससुरालीजनों ने कही थी दूसरी शादी की बात
गुरुवार को आशीष ने बरहन में अपने दोस्त मुकेश को फोन कर कहा कि वह मथुरा में है और घर लौटना चाहता है। आंवलखेड़ा से उसके मामा अशोक, बंटी और मुकेश उसे ले आए। लेकिन पुलिस ने मामले में गोपनीयता बरतते हुए उसे छलेसर चौकी बुला लिया।
यहां दोपहर तकरीबन 12 बजे सीओ एत्मादपुर अखिलेश भदौरिया ने उसके बयान दर्ज किए। आशीष उर्फ सलमान ने बताया कि रुड़की में धर्म परिवर्तन के बाद मेरठ से सर्टिफिकेट दिया गया था।
शादी के कई साल बाद भी कोई संतान नहीं हुई। ससुरालीजनों ने साली से दूसरी शादी कराने की बात कही थी, मगर वह मुकर गए।
पत्नी को सबक सिखाने को उसने धर्म बदला। उसने कहा कि वह एसएसपी को जून महीने में भेजे पत्र के मामले में कोई कार्रवाई नहीं करना चाहता है। उसका कहना था कि वह अपनी बुआ के घर जाएगा। घर लौटने पर लोग उससे तमाम सवाल पूछेंगे।
मुस्लिम अध्यापिका से थी गहरी दोस्ती
सीओ ने बताया कि आशीष ने अपने बयान के अंत में जो हस्ताक्षर किए हैं, उसमें अपना नाम आशीष पुत्र सत्येंद्र सिंह ही लिखा है। उधर, आशीष के मामा अशोक ने भी इसकी पुष्टि की है। उनका कहना था कि आशीष ने ससुरालीजनों की बड़बोलेपन से क्षुब्ध होने की बात कही।
आशीष के दोस्त बंटी ने बताया कि उसकी रुड़की में रहने वाली मुस्लिम अध्यापिका से दोस्ती थी, लेकिन बाद में अध्यापिका की मृत्यु हो गई। आशीष के बयानों के बाद उसके घरवालों ने भी चुप्पी साध ली है।
पुलिस ने डाला परदा आशीष को लौटाया
धर्मांतरण मामले पर माहौल गरम है। इसलिए पुलिस ने आशीष के मामले में गोपनीयता बरती। सीओ एत्मादपुर ने छलेसर पुलिस चौकी पर उसके बयान दर्ज किए।
मीडिया के लोगों के पहुंचने पर वह बोलेरो गाड़ी से उसे यमुना एक्सप्रेस वे की ओर चले गए। कई घंटे तक पुलिस यही कहती रही कि बयान दर्ज कराने के बाद आशीष खुद ही बुआ के घर जाने की कहकर चला गया है।