कुंडी खटकने पर खोला दरवाजा, पर फायर की आवाज नहीं सुनी
होमगार्ड की बेटी की गोली मारकर हत्या की सूचना पर एसएसपी कलानिधि नैथानी, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण विक्रांतवीर, क्षेत्राधिकारी मलिहाबाद व अन्य अफसर मौके पर पहुंचे। पता चला कि रेखा की हत्या के वक्त ताऊ हरिप्रसाद और उसकी मां जनक दुलारी भी घर में मौजूद थीं। हरिप्रसाद की पत्नी सुषमा व बेटा कुलदीप भी तिलक समारोह में गए थे। घर में आने-जाने के दोनों दरवाजे भीतर से बंद थे। रामेंद्र व गीता का कहना था कि देर तक कुंडी खटखटाने के बाद भी दरवाजा न खुलने पर वह दूसरे दरवाजे से सुषमा व कुलदीप के साथ घर में दाखिल हुए थे। हरिप्रसाद ने दरवाजा खोला था। हरिप्रसाद ने गोली चलने की बात से इनकार किया। इस पर पुलिस का शक गहराया था।