लखनऊ में हुसैनगंज के छितवापुर निवासी आदित्य मिश्रा (24) ने नौकरी से इस्तीफा लिए जाने के कारण मंगलवार शाम को फांसी लगा ली। लॉकडाउन में युवक की बाइक पुलिस ने सीज कर दी थी। दस दिन पहले जब वह काम पर लौटा तो बाइक न होने के चलते कूरिअर कंपनी ने उससे इस्तीफा लिखवा लिया।
कस्तूरबा विद्यालय से सेवानिवृत्त उमाशंकर के मुताबिक, बेटे आदित्य की बाइक लॉकडाउन के दौरान गोमतीनगर पुलिस ने सीज कर दी थी। दस दिन पहले बेटा नौकरी पर गया था। आरोप है कि कंपनी ने उसके पास बाइक न होने के कारण नौकरी से इस्तीफा लिखवा लिया।
पिता के मुताबिक, मंगलवार को उसकी एक बहन बंगलूरू जाने वाली थी। जिसे छोड़ने के लिए बड़ी बहन कीर्ति भी घर आई हुई थी। शाम करीब छह बजे कीर्ति ने आदित्य को दीवार में लगे एंगल के सहारे फंदे से लटकता देखा। परिजनों ने उसे फंदे से उतारा और सिविल अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बुधवार को कोरोना रिपोर्ट आने के बाद हजरतगंज पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया।